अल्मोड़ा। शहर में पार्किंग बड़ी समस्या बन गई है। लोग पार्किंग के अभाव में परेशानी झेल रहे हैं। हालात यह हैं कि सड़कों के किनारे स्थित सरकारी कार्यालयों तक में पार्किंग नहीं है। अधिकारी, कर्मचारी सड़कों पर वाहन खड़े करते हैं। यहां तक कि नगर में बहुमंजिला पार्किंग का संचालन करने वाली नगर पालिका के भवन में कर्मियों और अधिकारियों के साथ ही यहां पहुंचने वाले लोगों के वाहन खड़े करने तक को पार्किंग नहीं हैं।
नगर की सड़कों पर हर रोज 8 हजार से अधिक वाहन दौड़ते हैं। लेकिन नगर में शिखर तिराहे व चौघानपाटा में बनीं महज दो पार्किंग की क्षमता 350 दो पहिया व चौपहिया वाहनों की है। नगर के बीचोबीच सड़क किनारे कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं। लेकिन इन संस्थानों में भी पार्किंग का अभाव है।
नगर पालिका नगर में दो पार्किंग का संचालन करती है। लेकिन उसके पास कर्मियों, अधिकारियों और यहां पहुंचने वाली जनता के वाहनों को पार्क करने के लिए पार्किंग नहीं है। चौघाटनपाटा स्थित लोनिवि कार्यालय में तैनात कर्मी व अधिकारियों के वाहन सड़क किनारे खड़े मिले। हैरानी की बात यह है कि एसएसपी कार्यालय में पार्किंग न होने से पुलिस जवान, अधिकारियों और यहां पहुंचने वाले फरियादियों को अपने वाहन सड़क पर खड़े करने पड़ रहे हैं।
सड़क किनारे खड़े वाहन बनते हैं जाम का कारण
अल्मोड़ा। पर्याप्त पार्किंग न होने से दो पहिया वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा करना लोगों की मजबूरी बन गया है। वहीं सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मियों की भी यही मजबूरी है। ऐसे में ये वाहन जाम का कारण बन रहे हैं।
नगर में बन रही पार्किंग का नहीं मिलेगा सरकारी संस्थानों को लाभ
अल्मोड़ा। भले ही नगर में दो नई पार्किंग का निर्माण हो रहा है। शिखर तिराहे, शनि मंदिर के पास 175 वाहन क्षमता की पार्किंग का निर्माण हो रहा है लेकिन इन सरकारी संस्थानों को इनका लाभ नहीं मिलेगा। इन कार्यालयों में तैनात कर्मियों, अधिकारियों के लिए पार्किंग में वाहन खड़े कर आधे से एक किमी दूर कार्यालय पहुंचना होगा, जो संभव नहीं है।