ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन उत्तराखंड प्रांतीय कार्यकारणी की प्रसार प्रशिक्षण केंद्र हवालबाग सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने ग्राम विकास अधिकारियों के पदों को 950 से बढ़ाकर 1900 करने की मांग की। उन्होंने मनरेगा योजना को मांग आधारित योजना के स्थान पर लक्ष्य आधारित करने का विरोध किया।
सोशियल ऑडिट की प्रक्रिया को व्यवहारिक बनाए जाने तथा सोशियल ऑडिट के नाम पर ग्राम विकास अधिकारियों का उत्पीड़न करने का विरोध किया। बाहरी एजेंसियों के स्थान पर स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को सोशियल ऑडिट टीम में शामिल करने की मांग की। उन्होंने पूर्व की तरह 10, 16, 26 वर्ष की सेवा के बाद एसीपी का लाभ देने की मांग की। मनरेगा योजना के सफल संचालन के लिए ग्राम विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर भुगतान के लिए डौंगल प्रदान किया जाए। ट्रांसफर एक्ट की विसंगतियों को दूर कर सुगम तथा दुगर्म क्षेत्रों का पुन निर्धारण करने तथा न्याय पूर्ण ढंग से स्थानांतरण करने की मांग की।
अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष शक्ति प्रसाद भट्ट तथा संचालन प्रदेश महामंत्री कुंवर सामंत ने किया। बैठक में पूर्व संरक्षक नारायण पंत, संरक्षक पंकज कांडपाल, दलीप भंडारी, डीपी चमोली, बीडी रतूड़ी, संजय डभराल, गोकुल रावत, जगदीश पाठक, प्रकाश जोशी, विरेंद्र कठैत, सुनील पंत, केशर सिंह, पंकज पंत, विपिन उपाध्याय, मनोज धामी, चंद्रप्रकाश बलूनी, प्रभात जोशी, एससी पंत, विरेंद्र कठैत ने विचार रखे। बैठक में हरीश सुयाल, महेश्वर अधिकारी, पंकज रौतेला, बृजमोहन गोस्वामी, हरिहर मेहता, उमापति पांडे, भगवान बिष्ट, पंकज रौतेला, आनंद बल्लभ भट्ट, जगदीश पांडे, डीएस चौहान, बीेएन गोस्वामी, दिनेश दुर्गापाल, ओपी दयाल आदि मौजूद थे।