अल्मोड़ा । नगर में सीवर लाइन बिछाकर नगर को स्वच्छ बनाने के साथ एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण की रफ्तार बजट के अभाव धीमी हो गई है। ऐसे में प्लांट को धरातल पर उतारना चुनौती से कम नहीं है।
नगर के 13 वार्डों के घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। पहले लक्ष्मेश्वर, बद्रेश्वर वार्ड, माल रोड, कर्नाटक खोला मोहल्ले के दो हजार से अधिक घर सीवर लाइन से जुड़ेंगे। इसका कार्य बीते वर्ष मार्च महीने में शुरू हुआ। लोगों को उम्मीद थी कि घर से सीवर लाइन से जुड़ेंगे और गली, मोहल्लों में खुले में सीवर बहने से मुक्ति मिलेगी लेकिन बजट के अभाव में यह योजना जल्द परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। कार्यदायी संस्था जल निगम को 30 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 14 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो सका है। बजट के अभाव के इस योजना की रफ्तार धीमी हो गई है। संवाद
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सीवर लाइन न होने से रैंकिंग में पिछड़ी पालिका
अल्मोड़ा। बीते दिनों से निकायों की स्वच्छता की रैंकिंग जारी हुई है। मानकों के अनुसार नगर में सीवर लाइन न बिछने से नगर पालिका रैंकिंग में पिछड़ गई। प्रदेश में अल्मोड़ा नगर पालिका को पांचवीं रैंक मिली है। अधिकारियों के मुताबिक इसमें पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह सीवर लाइन न बिछना है।
जैविक खाद होगी तैयार
अल्मोड़ा। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में प्रदूषित पानी को शुद्ध किया जाएगा जो सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकेगा। प्लांट में जैविक खाद तैयार करने की योजना है जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। बजट के अभाव में इस योजना के साकार होने के लिए इंतजार करने पड़ेगा।
एसटीपी के निर्माण कार्य के लिए शेष बजट नहीं मिला है। ऐसे में सीवर लाइन बिछाने का कार्य समय पर पूरा करना चुनौती है। बजट मिलने के बाद कार्य में तेजी संभव है।
अनूप पांडे, अधीक्षण अभियंता, पेयजल निगम, अल्मोड़ा।