जैंती (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती में लगी एक्सरे मशीन तकनीशियन के अभाव में दस साल से चालू नहीं हो पाई है। एक्सरे कक्ष में ताला लटका है। जैंती के रोगी एक्सरे कराने के लिए 70 किमी दूर अल्मोड़ा या 120 किमी दूर हल्द्वानी जाने को मजबूर हैं। इस कारण लोगों को 268 रुपये का एक्सरे कराने के लिए के लिए तीन से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
जैंती और आसपास की करीब 40 हजार की आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती पर ही निर्भर है। अस्पताल में अधीक्षक का पद तीन साल से खाली चल रहा है। पिछले पांच साल से लैब तकनीशियन का पद रिक्त है। तकनीशियन नहीं होने से खून की जांच और बीपी की जांच तक नहीं हो पाती है।
क्षेत्र वासियों का कहना है कि एक्सरे की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अल्मोड़ा या हल्द्वानी जाना पड़ता है। इसमें उनके एक से डेढ़ हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। रोगी को गंभीर हालत में टैक्सी बुक करके अल्मोड़ा और हल्द्वानी आने जाने में तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च हो रहे हैं।
सीएचसी जैंती में खून की जांच नहीं होने से स्थानीय मरीजों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बीपी की भी जांच नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानियों से न जूझना पड़े। - धीरज जोशी, जैंती
एक्सरे मशीन को जल्द चालू किया जाना चाहिए। साथ ही तकनीशियन को भी नियुक्त किया जाना चाहिए। सरकार ने यहां अस्पताल तो बना दिया लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। - नाथ सिंह धानक, बरम, जैंती
क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपये की एक्सरे मशीन मरीजों के किसी काम नहीं आ रही है। अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर किया जाना चाहिए। - भुवन चंद्र पांडे, दन्योली
अस्पताल में एक्सरे तकनीशियन नहीं होने के बारे में कई बार शासन को लिखा जा चुका है लेकिन तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हो सकी। तकनीशियन की तैनाती होने पर ही क्षेत्रीय जनता को एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। - डॉ. कुलदीप मर्तोलिया, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी जैती, लमगड़ा