रानीखेत (अल्मोड़ा)। सेना की ब्वॉयज कंपनी की भर्ती के लिए ताइक्वांडो और बॉक्सिंग खेल को ही मान्यता देने से लोगों में भारी आक्रोश है। कई अभिभावकों ने भर्ती के लिए इस तरह के मानकों पर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि फुटबाल, हॉकी, कराटे आदि खेलों में बच्चे पारंगत हैं, लेकिन ताइक्वांडो और बॉक्सिंग को ही प्राथमिकता देना गलत है।
रविवार को यहां सेना की ब्वॉयज कंपनी की भर्ती थी। कई अभिभावकों का कहना है कि इस भर्ती में कई बालकों के पास ताइक्वांडो और बॉक्सिंग की राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय प्रमाण पत्र नहीं थे। उन्हें भर्ती में नहीं लिया गया। जिससे बच्चों का मनोबल टूट रहा है। धन सिंह बिष्ट का कहना है कि उनके पुत्र ने हॉकी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है लेकिन वहां भर्ती के लिए गए तो ताइक्वांडो और बॉक्सिंग खेलों के प्रमाण पत्र न होने पर उसे बाहर कर दिया गया, जबकि सेना में फुटबाल और हॉकी जैसे खेलों को भी प्राथमिकता मिलती रही है। अभिभावक मनोज सिंह, हरीश हरबोला का कहना है कि ब्वॉयज कंपनी की भर्ती में कराटे, फुटबाल, हॉकी, जूडो आदि खेलों को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
रानीखेत। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार सेना की ब्वॉयज कंपनी की भर्ती के लिए आर्मी हेडक्वार्टर से केवल ताइक्वांडो, बॉक्सिंग खेलों की ही अनुमति मिली है। अधिकारियों ने बताया कि ब्वॉयज कंपनी के लिए आखिरी चयन 27 मार्च से शुरू होगा। 27 को नॉर्थ स्टेट मणिपुर, कोहिमा, नागालैंड, 28 को यूपी, हरियाणा, राजस्थान, 29 मार्च को उत्तराखंड के बालकों का चयन होगा।