मौलेखाल (अल्मोड़ा)। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) ने वन भूमि हस्तांतरण के बगैर ही सल्ट ब्लॉक के अंतर्गत भवाली से अमधार (रालीगांव) तक तीन किमी लंबी सड़क काटनी शुरूकर दी। निर्माणकर्ताओं ने इसके लिए अनुमति के बिना जंगल में पेड़ गिराने भी शुरूकर दिए। भनक लगने पर दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करके अनुमति के बिना काम करने पर विरोध जताया। बाद में तहसीलदार ने मौके पर आकर काम रुकवा दिया।
सल्ट ब्लॉक के अंतर्गत भवाली से अमधार (रालीगांव) तक तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई के बिना ही वन क्षेत्र में काम शुरू कर दिया गया। निर्माणकर्ता जब वन क्षेत्र में पेड़ गिराने लगे तो ग्रामीण मौके पर धमक गए और उन्होंने काम रोकने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरूकर दी। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को भी इसकी सूचना दी।
बाद में तहसीलदार दौलत राम टम्टा मौके पर पहुंचे और उन्होंने काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि यह सड़क किसी अन्य इलाके से होकर बननी थी, लेकिन निर्माणकर्ताओं ने अपनी सुविधा को देखते हुए सड़क को जंगल की तरफ मोड़ दिया है। इधर तहसीलदार ने बताया कि सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। इसलिए काम रोक दिया गया है।
ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान गिरधर सिंह राणा, सरपंच गांगुली देवी, महेंद्र सिंह राणा, पुष्कर राणा, नंदन सिंह रावत, नंदन राणा, राम सिंह, लक्ष्मी देवी, रधुली देवी, उर्मिला देवी, बालम सिंह, दलीप सिंह राणा, सुमन देवी, जेमा देवी, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, डिक्का देवी आदि शामिल थे।