ब्लाक संसाधन केंद्र जलना में हुई बैठक में उप शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) तारा सिंह ने शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उन्हें उपचारात्मक शिक्षण देने के लिए कार्ययोजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को बाल केंद्रित गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षक का दायित्व है। शिक्षक शिक्षण कौशल और क्षमताओं का उपयोग कक्षाओं में करें।
उन्होंने स्कूल विकास योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, मध्याह्न भोजन योजना, निशुल्क गणवेश वितरण, बालगणना, संकुल स्तरीय खेलकूद, स्कूली अभिलेखों के रखरखाव के निर्देश दिए।
उन्होंने चार सितंबर को स्कूलों में प्रात: 10 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन टीवी और रेडियो के माध्यम से बच्चों को दिखाने और सुनाने, अपराह्न स्कूलवार छात्र संख्या और कार्यक्रम सुनने वाले बच्चों की सूचना संकुल समन्वयक के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा।
संचालन संकुल समन्वयक मोहन बन गोस्वामी ने किया। बैठक में संकुल संसाधन केंद्र पौधार, जलना, चायखान, लमगडड़ा के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया।
बैठक में संकुल समन्वयक उर्मिला तिवारी, संजय जोशी, कौस्तुबानंद पांडे, दीपा बिष्ट, ज्योति पंत, रुबीना परवीन अंसारी, दीपा वर्मा, मीना अग्रवाल, शोभा रावत, चंद्रशेखर पाठक, देवेंद्र टम्टा, सोनू त्रिपाठी, गजेंद्र गिरि गोस्वामी, कुंदन सिंह बाफिला, संजय वर्मा आदि उपस्थित थे।