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आरोपी शिक्षक के खिलाफ पाक्सो, यौन उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लाक के एक राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी शिक्षक ऐबरन कुमार के खिलाफ एक व्यक्ति की शिकायत के बाद जालली के नायब तहसीलदार जीएन गोस्वामी ने पॉक्सो और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया। मामले को रेगुलर पुलिस को भी हस्तांतरित करने की कार्रवाई चल रही है।
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बृहस्पतिवार को विद्यालय के सात छात्रों ने बरेली निवासी शिक्षक ऐबरन कुमार गंगवार के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत अभिभावकों से की थी। भड़के अभिभावकों ने स्कूल पहुंच जमकर हंगामा काटा था। शुक्रवार की सुबह ही ग्रामीण मुकदमा दर्ज कराने के लिए पहुंच गए थे लेकिन रानीखेत की तहसीलदार के छुट्टी पर होने के कारण जालली के नायब तहसीलदार को केस दर्ज कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। देर शाम आरोपी शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धारा 377, 506 और 3/4 पॉक्सो में केस दर्ज किया गया है। नायब तहसीलदार जीएन गोस्वामी ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार चल रहा है।
-मामला बेहद गंभीर है। इस मामले को रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित करने के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। राजस्व उप निरीक्षक कलमबंद हड़ताल पर हैं। नायब तहसीलदार तबीयत खराब होने की वजह से छुट्टी पर थी फिर जालली से व्यवस्था करनी पड़ी, जिस कारण एफआईआर कराने में देर हुई। -जय किशन, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत।
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पटवारियों की हड़ताल से ग्रामीणों की हो रही फजीहत
रानीखेत। क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक मांगों को लेकर लंबे समय से कार्य बहिष्कार पर थे। उन्होंने पुलिस कार्यों का बहिष्कार किया हुआ है। अब इन कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को सीधे तहसील मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि स्यालीखेत की घटना की सूचना उप राजस्व निरीक्षकों को पहले मिल गई थी। वे मौके पर भी गए लेकिन रात में ही वे कलमबंद हड़ताल पर चले गए।
इसी के चलते रिपोर्ट दर्ज कराने आए ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह आठ बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग उठाई। प्रशासन पर आरोप लगाया कि आरोपी को बचाने के प्रयास हो रहे हैं। एक दिन पहले स्कूल में बैठक हुई तो वहां से उन्हें झूठा आश्वासन देकर गुमराह किया गया। संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। शाम को जालली के नायब तहसीलदार को बुलाया गया तब जाकर मुकदमा दर्ज हो सका।
‘शिक्षक मना करने पर खैरना में आकर मारने की देता है धमकी’
रानीखेत (अल्मोड़ा)। यौन उत्पीड़न के पीड़ित बच्चे भी यहां तहसील मुख्यालय पहुंचे थे। बच्चों ने बताया कि शिक्षक पिछले 15-16 सालों से स्कूलों में पढ़ा रहा है और लंबे समय से इस तरह के घृणित कार्य में लिप्त है। कई बच्चे बड़े होकर कालेज पहुंच गए हैं। लोक लाज की डर से बच्चों ने इस बात पर पर्दा डाल दिया। इधर, बच्चों के अभिभावकों ने बच्चों की बदलती आदतों को देखते हुए उनसे पूछा तो बच्चों ने आपबीती सुनाई। तहसील पहुंचे बच्चों ने बताया कि शिक्षक आए दिन उन्हें कमरे में बुलाता और गंदी हरकतों के लिए उकसाता रहता था। कहता था कि कमरे में आओ तुुम्हें पैसे भी दूंगा, यदि किसी को बताया तो खैरना में आकर तुम्हें मार दूंगा। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों ने जब स्कूल जाने से मना किया तो बात का पता चला। ऐसे शिक्षक को समाज में रहने का कोई हक नहीं है। जब तक शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वह लोग चैन से बैठने वाले नहीं हैं। संवाद
सीईओ ने की आरोपी शिक्षक के निलंबन की संस्तुति
रानीखेत। मुख्य शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र भट्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे शिक्षक के खिलाफ निलंबन की संस्तुति अपर निदेशक को कर दी है। उन्होंने बताया कि पहले उसे सीईओ कार्यालय अटैच किया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से एफआईआर प्राप्त होने के बाद उसके निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि शिक्षक का पक्ष भी जाना जाएगा।
‘बच्चों को हथियार बना जबरन फंसाया गया’
रानीखेत। आरोपी शिक्षक ऐबरन कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में आरोपों को निराधार बताया है। उसने कहा कि वह 22 अप्रैल से स्वास्थ्य खराब होने के कारण छुट्टी पर है। लंबे समय से विद्यालय में पढ़ा रहा है और प्रभारी प्रधानाध्यापक की ड्यूटी भी निभा रहा है। बच्चों को भड़काकर उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। उसे अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया है। 16 सालों से वह निर्विवाद ढंग से कार्य कर रहा है, आज तक ऐसे आरोप नहीं लगे। प्रधानाध्यापक ने भी दो दिन के भीतर त्वरित कार्रवाई कर दी। उनके खिलाफ साजिश हो रही है। उन्होंने बीईओ से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
पहाड़ में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक: माहरा
रानीखेत (अल्मोड़ा)। छात्रों के यौन उत्पीड़न के मामले से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि लचर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही थी। उन्होेंने कहा कि पहाड़ी जिलों के शिक्षा मंदिरों में इस तरह के घृणित कार्य कतई बर्दाश्त नहीं होंगे। एक तरफ भाजपा सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, दूसरी तरफ भाजपा के कुछ पूर्व विधायक भी यौन उत्पीड़न के मामलों में घिर चुके हैं। लीपापोती छोड़ प्रशासन तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करे नहीं तो कांग्रेस प्रदेश भर में प्रदर्शन करेगी। इधर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल देव, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, एडवोकेट हिमांशु बिष्ट, नगर उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख रचना रावत और स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष आदि ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। संवाद
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