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ग्रामीण बोले : प्रदेश में बंद हो शराब 

Thu, 21 Jul 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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नशाविरोधी शपथ दिलाई - फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पलायन रोको, नशा हटाओ, उत्तराखंड बचाओ पद यात्रा का नौबड़ा, भासी, कफलानी, डंगरखोला, पटास आदि गांवों में जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को शराब सहित तमाम बुराइयों के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने नशा उन्मूलन के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प जताया। ग्रामीणों ने कहा कि शराब ने पहाड़ बर्बाद कर दिया है। इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए। 
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पदयात्रा में शामिल लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, नशे के दुष्परिणाम बताए। कहा कि राज्य बनने के बाद से ही पहाड़ के विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं हुए। पहाड़ की खेती किसानी बर्बादी की कगार पर है। बंदर, सुअरों ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। खेती किसानी बर्बाद होने से पहाड़ निरंतर खाली हो रहे हैं।

यात्रा के संयोजक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि शराब जैसी बुराई ने पहाड़ के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। इसके खात्मे के लिए उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होने का आह्वान किया। संचालन प्रधान दिनेश घुघ्त्याल ने किया। आशा देवी, छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन नाथ, हेम घुघ्त्याल, राजू जोशी, प्रधान माया तिवारी आदि थे।
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अल्मोड़ा। यहां से करीब 20 किमी दूर रानीखेत में रोड में स्थित क्वैराली गांव की महिलाओं ने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर जुलूस निकाला और सभा की। बाद में महिलाओं ने सभा करके निर्णय लिया कि इस धंधे में लिप्त लोगों का पर्दाफाश करके महिलाएं उन्हें खुद दंड देंगी।

साथ ही उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा। ग्राम प्रधान मीना देवी और अन्य महिलाओं के नेतृत्व में एकजुट हुईं क्वैराली क्षेत्र की महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और शराब की अवैध बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।

इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में शराबियों का आतंक बढ़ रहा है और यह लोग महिलाओं के साथ अभद्रता भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल पढ़ने वाले छात्र भी शराब का सेवन करने लगे हैं। उन्होंने आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन पर धंधेबाजों को खुली छूट देने का आरोप लगाया।  

महिलाओं ने कहा कि इस पर रोक नहीं लगने पर वह खुद गांव में घूमकर धंधेबाजों को पकड़ेंगी और उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जुलूस और सभा में प्रधान मीना देवी के अलावा दीपा देवी, नीमा देवी, तारा देवी, कमला देवी, हेमा देवी, राधा देवी, उमा देवी, लता सलाल, उमा सलाल, सरस्वती देवी, ज्योति सलाल, रजनी देवी, चंपा देवी, गीता सलाल, पुष्पा देवी आदि शामिल थे। 
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