वर्ष 1996 में जैंती में महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। महाविद्यालय में कुंज, भाबू, पुभाऊं, कुटौली, सैनोली, दाड़िमी, गणाऊं, शहरफाटक, ज्वारनेड़ी, मौरनौला, खांकर समेत दूरस्थ स्थानों के 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छात्रावास न होने से 110 विद्यार्थी किराये के मकान में रह रहे हैं। यहां छात्रावास निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर गौर नहीं किया गया। हालात यह हैं कि किराये का खर्च न उठा पाने पर कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा लेने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। संवाद
बोले विद्यार्थी.......
छात्रावास न होने से बाजार में किराये के महंगे कमरों में रहना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी किराया न चुका पाने से पढ़ाई छोड़ गए हैं। छात्रावास होता तो विद्यार्थियों की परेशानी कम होती।
I- तरुण कुमार, जैंती। I
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छात्र लगातार छात्रावास बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किराये के कमरों के लिए भी विद्यार्थियों को भटकना पड़ रहा है, इससे दिक्कत बढ़ गई है।
I- गौरव नेगी, जैंती। I
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- महाविद्यालय में छात्रावास नहीं है। उच्चशिक्षा निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है विद्यार्थियों की समस्या का समाधान होगा।
I- डॉ. संतोष कुमार, प्राचार्य, जैंती महाविद्यालय। I