अल्मोड़ा। नगर के विभिन्न स्थानों पर रविवार देर रात नारद मोह, श्रीराम जन्म, सीता जन्म आदि प्रसंगों के साथ रामलीला मंचन शुरू हुआ। पहले दिन रामलीला देखने आने वाले लोगों की संख्या कम रही।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के नंदा देवी मंदिर परिसर में होने वाली रामलीला सबसे पुरानी है। पहले दिन नारद मोह, रावण अत्याचार, देवगण स्तुति सहित श्रीराम जन्म आदि प्रसंग मंचित हुए। नारद मोह प्रसंग में नारद की भूमिका शेखर सिजवाली ने निभाई। परितोष जोशी ने इंद्र, द्रोण सिंह डांगी कामदेव, धनंजय साह शिव, अभिनव मेहरा ने विष्णु का अभिनय किया।
सखियों का अभिनय प्रेरणा और सौम्या सनवाल ने किया। सुमन सनवाल रचित नारद मोह के गीतों का गायन और संगीत अनिल सनवाल ने दिया। तबले पर संजय जोशी ने संगत दी। रामलीला से जुड़े जीवन नाथ वर्मा और दीप लाल साह ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। वहां रामलीला कमेटी अध्यक्ष कुलदीप मेर, सचिव अर्जुन बिष्ट आदि मौजूद रहे।
एनटीडी में देव गण स्तुति, नारद मोह, रावण अत्याचार, श्री राम जन्म, सीता जन्म के साथ रामलीला शुरू हुई। मुख्य अतिथि व्यवसायी मोहन लाल कपूर रहे। अध्यक्षता राजू बिष्ट और संचालन रंगकर्मी गिरीश धवन ने किया। वहां मुकेश नेगी, सौरभ वर्मा, पंकज कांडपाल, भुवन तिवारी, दीपेंद्र परिहार, प्रदीप तिवारी, करन आनंद मौजूद रहे। वहीं नगर के लक्ष्मी भंडार, धारानौला, खत्याड़ी, सरकार की आली, कर्नाटक खोला, राजपुरा में भी रामलीला मंचन की धूम रही। संवाद