अल्मोड़ा। आपदा से क्षतिग्रस्त एसएसएजे विश्वविद्यालय के एकमात्र खेल मैदान का सुधारीकरण 13 साल बाद भी नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद भी इसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालांकि विवि प्रशासन ने इसके सुधारीकरण का प्रस्ताव भेजा है जो शासन में अटका है।
वर्ष 2010 में आई आपदा से एसएसजे विश्वविद्यालय का एकमात्र खेल मैदान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी सुरक्षा दीवार ढहने से मैदान में जगह-जगह दरारें पड़ गईं और गड्ढे बन गए। 13 साल का लंबा समय बीतने के बावजूद इसका सुधारीकरण नहीं हो सका है। मैदान समतल न होने से गड्ढों और दरारों के बीच अपनी प्रतिभा को निखारना विवि की खेल प्रतिभाओं के लिए मुश्किल हो रहा है।
तीन साल पहले एसएसजे विवि की स्थापना हुई जिसके एक साल बाद खेल मैदान के सुधारीकरण के लिए शासन में चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया जो अब भी सरकारी फाइलों में कैद है।
इंडोर गेम के लिए होना है हॉल का निर्माण
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर के क्रीड़ा अधिकारी लियाकत अली ने बताया कि मैदान के सुधारीकरण के साथ ही इंडोर गेम के लिए हॉल का निर्माण होना है लेकिन इसके प्रस्ताव को भी स्वीकृति का इंतजार है। संवाद
अन्य आयोजनों के लिए हो रहा मैदान का उपयोग
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर के सिमकनी मैदान में खेलों का आयोजन करना तो चुनौती बन गया है लेकिन इस मैदान में अन्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कुछ दिन पहले यहां हुए एक आयोजन के लिए तंबू लगाए गए थे। तंबू लगाने के लिए खोदे गए गड्ढों से पहले से ही बदहाल इस मैदान को और नुकसान पहुंचा है। संवाद
मैदान के सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही यह कार्य संभव है। -प्रो. जगत सिंह बिष्ट, कुलपति, एसएसजे परिसर, अल्मोड़ा।