अल्मोड़ा। शिक्षकों के आंदोलन ने शिक्षा विभाग के साथ ही युवा कल्याण विभाग की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिक्षकों के खेल महाकुंभ में भागीदारी न निभाने के ऐलान के चलते इसे अंजाम तक पहुंचाना दोनों विभागों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में विभागों ने खेल महाकुंभ को रोकने का निर्णय लिया है।
दरअसल राजकीय शिक्षक संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और पहले ही खेल महाकुंभ में सहयोग न करने का ऐलान किया था। आज से जिला मुख्यालय के जीआईसी खेल मैदान में खेल महाकुंभ के आयोजन की तिथि तय थी। शिक्षकों के सहयोग न करने के निर्णय से शिक्षा विभाग और युवा कल्याण विभाग को अपना फैसला बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। जीआईसी के प्रधानाचार्य एमएस बिष्ट ने खंड शिक्षा अधिकारी को खेल महाकुंभ रोकने के लिए पत्र भेजा है। संवाद
पहले हो जाता खेल महाकुंभ को नहीं बढ़ती दिक्कत
अल्मोड़ा। जीआईसी के खेल मैदान में न्याय पंचायत स्तरीय खेल महाकुंभ का आयोजन होता है, इसमें 20 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थी भाग लेते हैं। इस मैदान में 26 अक्तूबर से पांच नवंबर तक महोत्सव का आयोजन हुआ। ऐसे में मैदान उपलब्ध न होने से खेल महाकुंभ रोक दिया गया। अब शिक्षकों के आंदोलन के बाद फिर से यह आयोजन रुक गया है।