यदि दस तक छात्र संख्या वाले स्कूलों का उनके निकटस्थ प्राथमिक और जूनियर हाइस्कूल में विलय हुआ तो जिले में 386 प्राथमिक और 24 जूनियर हाइस्कूल बंद हो जाएंगे। शासन के निर्देश पर जिले का प्रारंभिक शिक्षा विभाग इन दिनों ऐसे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के निकटस्थ स्कूल में विलय के आंकड़े जुटा रहा है।
शासन ने शिक्षा विभाग से दस तक छात्र संख्या वाले स्कूलों के निकटस्थ स्कूल में विलय करने के संबंध में जानकारी मांगी है। इनमें दस तक छात्र संख्या वाले प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों का विवरण और विलय किए जाने स्कूल से दूरी आदि आंकड़े शासन ने मंगाए हैं। इन स्कूलों का जिस स्कूल में विलय किया जाएगा। उसे केंद्रीय विद्यालय के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
जिले के ग्यारह ब्लाकों में कुल 1382 प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें से 382 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या एक से दस के मध्य है। जिले में दस तक छात्र संख्या वाले सबसे अधिक 53 स्कूल द्वाराहाट ब्लाक और सबसे कम 14 प्राथमिक स्कूल ताकुला ब्लाक में हैं। इसके अलावा भिकियासैंण, धौलादेवी ब्लाक में 40-40, सल्ट में 50, लमगड़ा में 19, स्याल्दे में 38, ताड़ीखेत में 46, भैंसियाछाना ब्लाक में 20, हवालबाग में 24, चौखुटिया ब्लाक में 42 स्कूल हैं। कम छात्र संख्या वाले 382 प्राथमिक स्कूलों को 285 स्कूलों में समायोजित किया जाना प्रस्तावित किया गया है। भविष्य में 285 स्कूलों को केंद्रीय प्राथमिक स्कूल के रूप में विकसित करने की भी योजना है।
वहीं जिले के 188 जूनियर हाइस्कूलों में से 24 जूनियर हाइस्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या 10 अथवा इससे कम है। ऐसे जूनियर हाइस्कूल स्याल्दे और चौखुटिया ब्लाक में छह-छह, हवालबाग में चार, सल्ट में तीन, ताड़ीखेत और धौलादेवी में दो-दो है। भैंसियाछाना ब्लाक में दस से कम छात्र संख्या वाला एक स्कूल है। यदि शासन ने दस तक छात्र संख्या वाले इन स्कूलों का दूसरे स्कूलों में विलय किया तो यह स्कूल बंद हो जाएंगे।
दस से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के संबंध मेें जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद आख्या निदेशालय को भेजी जाएगी।
राय साहब यादव, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अल्मोड़ा।