गरुड़ (बागेश्वर)। बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण एक छात्रा की जान चली गई। उसे सांप ने डसा, परिवार वाले बचाने की गुहार लेकर चार अस्पतालों में दौड़ते रहे मगर उसकी जान बच नहीं सकी।
बैजनाथ के हरबगड़ बंतोली निवासी 10 वीं की छात्रा किरन गोस्वामी (14) पुत्री जीवननाथ गोस्वामी को 22 सितंबर को जंगल में घास काटते समय सांप ने डस लिया था। परिजन उसे मोहन सिंह मेहता सीएचसी बैजनाथ लेकर पहुंचे जहां से जिला अस्पताल बागेश्वर के लिए रेफर कर दिया।
जैसे-तैसे उसे लेकर बागेश्वर अस्पताल ले जाया गया मगर वहां भी बेहतर उपचार नहीं मिला। छात्रा की तबियत बिगड़ती चली गई। इसके बाद डॉक्टर ने उसे अल्मोड़ा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उम्मीदों के साथ जिला अस्पताल अल्मोड़ा लेकर पहुंचे लेकिन वहां भी उपचार नहीं मिला।
अल्मोड़ा से भी उसे रेफर कर दिया गया। अब परिजन उसे लेकर एसटीएच हल्द्वानी पहुंचे जहां किरन ने अंतिम सांस ली। चिकित्सकों के अनुसार जब छात्रा को लाया गया था तब तक उसकी सांस उखड़ी हुई थी और ब्लड प्रेशर भी नहीं था। मंगलवार की शाम करीब छह बजे वेंटिलेटर पर और उसके परिजनों की उम्मीदों ने दम तोड़ दिया।
इलाज मिलता तो बच जाती जान
हरबगड़ के ग्राम प्रधान मोहन नाथ गोस्वामी का कहना है कि बैजनाथ, बागेश्वर और एसटीएच हल्द्वानी में उचित उपचार मिलता तो छात्रा की जान बच जाती। उन्होंने सरकार से परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। भाजपा नेता चंदन बोरा और शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार से कहा जाएगा।
पांच बहनों में तीसरे नंबर की थी किरन
जीवननाथ गोस्वामी खेती बाड़ी से घर का गुजारा करते हैं। किरन उनकी पांच बेटियों में तीसरे नंबर की थी।
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि छात्रा को जब अस्पताल लाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर तत्काल बाल रोग विभाग की टीम ने उसका इलाज शुरू किया। तीस से अधिक एंटी वेनम दिए गए। गुर्दे संबंधी दिक्कत होने के कारण डायलिसिस भी किया गया।