राजकीय इंटर कालेज लमगड़ा के 11वीं के छात्र विनय कपकोटी ने एक ऐसा जूता डिजाइन किया है जिससे मोबाइल चार्ज होने के साथ-साथ रात में रोशनी भी मिलेगी। यह सब होगा जूते में लगाई गई बैटरी के जरिये, जो विद्युत ऊर्जा को संरक्षित करेगी और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सकेगा।
बाल वैज्ञानिक के मार्गदर्शक शिक्षक विनोद कुमार राठौर ने बताया कि जूते से पांच वोल्ट तक के विद्युत उपकरणों को चार्ज किया जा सकता है। जूते में विद्युत ऊर्जा संरक्षित करने के लिए 3.6 वोल्ट (700 मिली एंपियर) की बैटरी लगी है। इनवर्टर सर्किट लगाया गया है जो 3.6 वोल्ट विद्युत ऊर्जा को पांच वोल्ट विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। एक छोटा गेयर बॉक्स, पांच वोल्ट की मोटर भी लगाई गई है। जूते के आगे एक एलईडी बल्ब लगाया गया है जो रात को देखने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। जूते के बाहर यूएसबी पोर्ट लगा है जिसके माध्यम से मोबाइल और विद्युत उपकरणों को चार्ज किया जा सकता है।
जूते को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सारे सर्किट जूते के तले में फिट आ जाते हैं। जूते को खास तौर पर सेना को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है क्योंकि सैनिक कई दिनों तक जंगलों में रहते हैं जहां विद्युत की कोई व्यवस्था नहीं हो पाती है। रात को टार्च की रोशनी से दुश्मनों द्वारा देखे जाने का खतरा बना रहता है। जूते के आगे लगी एलईडी के प्रकाश के माध्यम से जंगलों में रात को आसानी से कांबिंग की जा सकती है। प्रकाश सीधे जमीन के ऊपर पांव की सीध में पड़ेगा जिससे दुश्मन की नजर सैनिकों पर नहीं पड़ेगी।
विनय के इस जूते को ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव में प्रथम स्थान मिला था। अब जिला स्तरीय महोत्सव में इसे प्रदर्शित किया जाएगा। विनय ने मार्ग दर्शक शिक्षक, अपने माता-पिता, प्रधानाचार्य दिनेश मोहन बिष्ट का आभार जताया।