जिले के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन ने राज्य के आम बजट के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत को कई सुझाव दिए। उन्होंने यहां पर्यटन, स्थानीय संसाधनों पर आधारित योजनाएं शुरू कराने के लिए जनसमस्याओं के समाधान, मूलभूत सुविधाएं दिलाने का सुझाव दिया।
यहां कलक्ट्रेट स्थित सभागार में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी ने मुख्यमंत्री को पलायन रोकने का सुझाव दिया। उन्होंने सुंदरढुंगा, कफनी, मिलम, नामिक, सहस्त्रधारा, सूपी, खलझूनी के लिए नया ट्रैकिंग रूट, ईकोटूरिज्म के विकास, पर्यटन, साहसिक पर्यटन के लिए जिले में प्रशिक्षण केंद्र, अल्मोड़ा के गुरुड़ाबांज में स्वीकृत स्व. हरिप्रसाद टम्टा शिल्पकें द्र की शाखा बागेश्वर में भी खोलने, बंदरबाड़ा खोलकर बंध्याकरण, जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में अंगोरा भेड़पालन की परियोजना शुरू करने, जिले में सालाना दस हजार पेड़ लगाने, गांवों में छोटी सिंचाई गूलों की मरम्मत के लिए स्थानीय बेरोजगारों को बेलदार बनाने, पंचायत भवनों में फार्मेसिस्टाें, एनएनएम की तैनाती को कहा। वहां डीएम भूपाल सिंह मनराल, डीडीओ डा. महेश कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष गीता रावल, ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया थे।