रानीखेत तहसील में पिछले चार दिन से स्टांप पेपर नहीं मिल रहे हैं। बताया जाता है कि स्टांप विक्रेताओं ने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है, इसका खामियाजा सुदूरवर्ती गांवों के ग्रामीणों को भोगना पड़ रहा है।
पहले 10 रुपए वाले स्टांप नहीं मिल रहे थे। अब दो दिन से 50 और 100 रुपए वाले स्टांप पेपर भी नहीं मिल रहे हैं। विद्यालयों में प्रवेश और सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वालों को अधिक परेशानी हो रही है। इसके अलावा चरित्र, आय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।
मालूम हो कि स्टांप विक्रेताओं को हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होता है। इसी आधार पर विक्रेताओं को स्टांप मिलते हैं। बताया जाता है कि स्टांप विक्रेताओं के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। जिसके चलते उन्हें स्टांप नहीं मिल रहे हैं।
बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव ललित मोहन पपने ने बताया कि स्टांप नहीं मिलने से विद्यालयों में प्रवेश, सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वालों को परेशानी हो रही है। पहले 10 रुपए के स्टांप नहीं मिल रहे थे तो लोगों को मजबूरन 50 अथवा 100 रुपए के स्टांप पेपरों से काम चलाना पड़ रहा था। अब दो दिन से 50 और 100 रुपए वाले स्टांप भी नहीं मिल रहे हैं।
-स्टांप विक्रेताओं के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जिसके चलते शपथ पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। शनिवार को विक्रेताओं ने लाइसेंस नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया पूरी कर दी है। सोमवार की सुबह से तहसील में स्टांप पेपर मिलने की उम्मीद बनी है।
- एपी बाजपेयी, एसडीएम रानीखेत।