इस हालत में है रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग।
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। तमाम कोशिशों के बावजूद रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग की हालत नहीं सुधर पा रही है, जबकि इस सड़क से दिन रात नेता और अधिकारी गुजरते हैं। जगह-जगह पड़े गड्ढे किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। ताड़ीखेत कस्बे से आगे तो हालात और भी खराब हैं। यात्री हिचकोले खाते हुए सफर करते हैं। मार्ग को अब एनएच में शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है।
रामनगर मोटर मार्ग क्षेत्र का सबसे पुराना मोटर मार्ग है, लेकिन इसकी हालत आए दिन खराब हो रही है। लंबे समय से सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। सौनी के पास तो सड़क बड़ी दुर्घटना को दावत दे रही है। बताया गया है कि इन गड्ढों के कारण कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात इस सड़क से होकर नेता और अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन गड्ढों पर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी तमाम नेता आए, लेकिन सड़क की हालत को लेकर किसी ने चर्चा तक नहीं की। प्रख्यात बिनसर महादेव मंदिर भी इसी रास्ते में पड़ता है। बदरीनाथ जाने वाले यात्री इसी सड़क से होकर गुजरते हैं।
बरसात में हालात और भी बेकाबू हो जाते हैं। गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं। सौनी के पास सड़क के बीचों बीच चौड़े गड्ढे बने हैं, लेकिन विभाग को इन्हें पाटने की फुर्सत नहीं है। लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता केएस बिष्ट ने बताया कि विभाग कई बार भरान का कार्य कर चुका है, लेकिन जलभराव के कारण पैच टिक नहीं रहे हैं, अब इसे एनएच में शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है, एनएच से भी सड़क सुधारने की अपील की जाएगी।