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बालिका के साथ छेड़छाड़ मामले से रानीखेत में उबाल

Sun, 23 Jun 2019 12:18 AM IST
दीपक नेगी रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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बच्ची के साथ छेड़खानी मामले में प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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पर्यटन नगरी में सात वर्षीय बालिका के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा थम नहीं रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारी यहां संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय आ धमके। यहां काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। कहा कि नौ जून को घटना होने के बावजूद पुलिस ने 11 दिनों तक मुकदमा दर्ज नहीं किया, उल्टा पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करने का कार्य किया है। कहा कि पांच दिनों के भीतर आरोपी का सुराग नहीं लगा तो आंदोलन किया जाएगा।
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बता दें कि नौ जून को नगर के एक मोहल्ले की सात वर्षीय बालिका घर के पास खेल रही थी, इसी बीच एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा। आरोप है वह बालिका को बहला फुसलाकर एक सार्वजनिक शौचालय में ले गया और उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। लोगों ने कहा कि पीड़ित बालिका के पिता घटना का पता चलते ही पुलिस के पास गए, लेकिन पुलिस ने उन्हीं से आरोपी को ढूंढकर लाने की बात कह दी और प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की। कहा कि दबाव के बाद पुलिस ने 21 जून को अज्ञात के खिलाफ पॉस्को अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच में भी कोताही बरतने की तोहमत मढ़ी गई। कहा कि 11 दिनों तक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं करना आपराधिक तत्वों के हौसलों को बढ़ावा देना है। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट से लंबी वार्ता हुई। बाद में उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। चेतावनी दी कि यदि पांच दिनों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में तत्काल पुलिस क्षेत्राधिकारी से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, दीपक अग्रवाल, सीमा जसवाल, गीता बेलवाल, विनोद चंद्र, संजय पंत, ललित कैलब, विजय रावत, नईम खान, गिरीश भगत, अमित पांडे, सुनीता डावर, अन्नू सोनकर, प्रशांत सक्सेना, नवल पांडे, धन सिंह बिष्ट, मनोज पाल, हर्ष पंत, कामरान कुरेशी, यतीश रौतेला, अजय चौहान आदि थे।
 
आपराधिक घटनाओं से आक्रोश
रानीखेत। बीडीसी सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने कहा कि ऐसे कुकृत्यों के लिए समाज में जगह नहीं है। पुलिस प्रशासन अभियुक्त को पकड़ने में तत्परता दिखाए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो रानीखेत जैसे शांत इलाके में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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