सालम की आजादी के आंदोलन का गवाह रहा राम सिंह धौनी आश्रम अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस आश्रम में कभी क्रांतिकारी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ योजनाएं बनाते थे, लेकिन आज यह जीर्ण-शीर्ण हालत में है।
सालम के स्वतंत्रता सेनानी पंडित दुर्गा दत्त शास्त्री, प्रताप सिंह बोरा, भवान सिंह धानक, मर्चू राम ने सन 1935 में जैंती में राम सिंह धौनी आश्रम की स्थापना की थी।
इसी आश्रम में सालम के क्रांतिकारी ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ योजनाएं बनाते थे। कई बार अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारियों ने इस आश्रम में क्रांतिकारियों को पकड़ने के लिए छापा मारा था, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े।
इसके बाद तो क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत को हिला कर रख दिया था। आजादी के आंदोलन का गवाह रहा राम सिंह धौनी आश्रम आज शीर्ण-शीर्ण हालत में है।
गत वर्ष अमर उजाला ने इस आश्रम कि स्थिति के बारे में खबर छापी थी। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने शहीद दिवस समारोह में आश्रम के जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बाद भी आश्रम का जीर्णोद्धार नहीं हो सका।