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ठंड से आम आदमी परेशान सूखते गेहूं की पौध में आई नई जान

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अल्मोड़ा के सोमेश्वर में बारिश से गेहूं के खेतों में लौटी हरियाली। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/सोमेश्वर। सर्दी के सितम से जहां आम आदमी परेशान है, वहीं गेहूं की सूखती फसल में इस बारिश से नई जान आई है। इस बारिश से गेहूं की फसल की बढ़वार अच्छी होगी। यदि आगे भी समय-समय पर बारिश होती रही तो इस बार गेहूं का उत्पादन भी अच्छा होगा।
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जिले में कुल 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं का उत्पादन होता है। इसमें साढ़े पांच हजार क्षेत्र ही सिंचित है बाकी असिंचित है। असिंचित क्षेत्र में गेहूं की फसल बारिश के भरोसे ही रहती है।
सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के अर्जुन राठ, भाना राठ, मल्लाखोली, ऋतुराठ, भंडारीगांव, जैंतोली, बैगनिया, बजेली गांव, टाना, बमनथलिया, नारंगतोली, धूमड़गांव, अधूरिया, माला, रैत, खाड़ी, लोद, चनौदा, रनमन, कोटुली, लमगड़ा विकासखंड के गौलीमहर, धुरासंग्रौली, ठाट, कपकोट, तुलेड़ी, विशौद, वलिया, बैगनिया, लमकोट, कनरा, बचकांडे, तुलेड़ी, टकोली, ढैली, स्यूनानी, कलटानी, सिरसोड़ा, अनरियाकोट, उज्यौला, ढौरा, पलना, गैलाकोट, नौरा, बघाड़, मलाडी, बड़सीमा आदि गांवों में गेहूं का प्रमुखता से उत्पादन होता है।
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विभिन्न इलाकों में अक्तूबर, नवंबर में गेहूं की बुवाई की गई थी। गेहूं की बुवाई के बाद बारिश नहीं हुई है। बारिश न होने से गेहूं के पौधे सूखने लगे थे। इससे किसान काफी चिंतित थे। बारिश का इंतजार करते-करते किसानों का धैर्य टूट रहा था। पिछले चार दिनों में कई बार हुई बारिश से जहां कड़ाके की ठंड हो रही है वहीं गेहूं के सूखते पौधों में बारिश से नई जान आ गई है।
गेहूं की फसल किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। कई किसान गेहूं का उत्पादन कर इससे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गेहूं की पैदावार अच्छी होने पर कई किसान इसकी बिक्री भी करते हैं। इससे उन्हें अच्छी आय अर्जित होती है। किसानों का कहना है कि गेहूं बोने के बाद बारिश ही नहीं हुई। इससे शुरुआती दौर से ही गेहूं की फसल प्रभावित होने लगी थी और खेतों में उगे गेहूं के पौधे मुरझाने लगे थे। उन्होंने कहा कि आगे भी अच्छी बारिश की जरूरत बनी है। इससे गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा।
क्या कहते हैं किसान
गेहूं की बुवाई के बाद काफी दिनों तक बारिश नहीं हुई। इस कारण गेहूं की पौधे सूखने लग गए थे। इससे काफी चिंता हो रही थी कि यदि बारिश नहीं हुई तो फसल चौपट हो जाएगी। रुक-रुक कर हुई बारिश से फसल में जान आई है।
- बिशन सिंह, बजेली गांव (सोमेश्वर)
बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी लाभदायक होगी। इससे फसलों में नई जान आई है जबकि पहले बारिश न होने से गेहूं के पौधे सूखने लगे थे। आगे भी बारिश होती रही तो गेहूं की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है।
- भूपाल नयाल, बमनथलिया (सोमेश्वर)
गेहूं बोने के बाद बारिश न होने से चिंता बढ़ गई थी। बारिश न होने से गेहूं के पौध मुरझाने लगे थे। इससे किसान परेशान थे। अब दो दिन हुई बारिश से गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। आगे भी बारिश हुई तो पैदावार बढ़ेगी।
- जगदीश सिंह, लमगड़ा (अल्मोड़ा)
क्षेत्र में व्यापक स्तर पर गेहूं की खेती होती है। इस बार किसानों ने गेहूं तो बो दिए लेकिन बारिश न होने से गेहूं की पौध सूखने लगी थीं। अब पिछले चार दिनों में रुक-रुक कर हुई बारिश से गेहूं की फसल को लाभ मिला है।
- सुंदर सिंह रावत, गौलीमहर (अल्मोड़ा)
बारिश से गेहूं की फसल पर अनुकूल प्रभाव रहेगा। बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। बारिश से गेहूं की फसल की बढ़वार अच्छी होगी। खरपतवार गेहूं की फसलों की वृद्धि को कम कर देता है। किसान खरपतवारों का उचित प्रबंधन कर लें, जिससे गेहूं की फसल को नुकसान न पहुंचे।
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- धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।
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