अल्मोड़ा सर्किट हाउस में पड़े विकास योजनाओं के शिलापट।
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सरकारी विभागों की धीमी कार्यशैली जगजाहिर है। 24 जून को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सर्किट हाउस में 44 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया था, लेकिन तेइस दिन से छह विकास योजनाओं के शिलापट सर्किट हाउस में ही गेट के समीप पड़े हैं। इन शिलापटों को संबंधित विभाग निर्धारित स्थान पर स्थापित करने के लिए अब तक नहीं ले गए हैं। जो इन विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
पूर्व में जनप्रतिनिधि निर्धारित स्थान पर जाकर विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते थे। इससे उन्हें क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों की जानकारी मिलते थी, परंतु पिछले करीब डेढ़ दशक से एक मुख्य स्थान पर विकास योजनाओं के शिलापट लगाकर उनके लोकार्पण और शिलान्यास करने की परंपरा चल पड़ी है।
गत 24 जून को पहली बार अल्मोड़ा आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सर्किट हाउस में करीब 44 विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया था, लेकिन छह विकास योजनाओं के शिलापट्ट संबंधित विभाग स्थापित करने के लिए अब तक नहीं ले गए हैं।
इनमें चार शिलापट लोनिवि विभाग और दो शिलापट विद्युत वितरण खंड रानीखेत से संबंधित हैं। लोगों का कहना है कि जब सरकारी विभाग शिलापट स्थापित करने में ही एक माह का समय लगा रहे हैं तो ऐसे में विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने में कितना समय लगेगा यह अंदाजा लगाया जा सकता है।