गरुड़ (बागेश्वर)। केडी पांडे रामलीला मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय महासम्मेलन में पहाड़ की ज्वलंत समस्याओं के समाधान और सरकार को चेताने को लेकर मंथन किया गया। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गरुड़ से टीट बाजार तक जनाक्रोश रैली निकाली। उन्होंने पहाड़ में लोगों को बंदरों और सुअरों की समस्या से निजात दिलाने, व्यसन मुक्त समाज का निर्माण करने आदि मांगे उठाई।
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के अधिवक्ता डीके जोशी के नेतृत्व में गरुड़ क्षेत्र के लोगों ने पहाड़ की ज्वलंत समस्याओं को लेकर रविवार को गरुड़ बाजार से टीटबाजार तक जनाक्रोश रैली निकाली। इससे पूर्व केडी पांडे रामलीला मैदान में आयोजित महासम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि बंदरों और सुअरों ने पहाड़ की खेती चौपट कर दी है। लोग खेती छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। जन प्रतिनिधि सालों से काश्तकारों को बंदरों और सुअरों की समस्या से निजात दिलाने के कोरे आश्वासन देते आ रहे हैं। समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
आज तक एक भी बंदर बाड़े का निर्माण नहीं किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि शराब से पहाड़ बर्बाद हो रहा है। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। गांवों में बिजली, पानी व सड़क की समस्या जस की तस है। स्कूलों में अध्यापक व अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा विधायक चंदन राम दास ने सर्वदलीय संघर्ष समिति को एक साल पहले गरुड़ को नगर पालिका का बनाने का लिखित आश्वासन दिया था। आज तक इसमें कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सभा को एडवोकेट बीपी नौटियाल, अभिजय नेगी, पीसी तिवारी, भुवन पाठक, रमेश पांडे कृषक, प्रमोद मेहता, कमला पंत, हयात रावत, विनोद पांडे, नंदन पांडे, गोपाल राम, चंद्रशेखर बड़सीला, पंकज पांडे आदि मौजूद थे।