गरिमा को पुरस्कार देते आयोजन समिति के लोग। अमर उजाला
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। घायल एथलीट गरिमा जोशी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। पांच सितंबर को उन्होंने बंगलूरू में आयोजित 100 मीटर व्हील चेयर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कांटेनवा स्टेडियम में संपन्न व्हील चेयर दौड़ में 50 एथलीटों ने प्रतिभाग किया। वह वर्तमान में हरियाणा राज्य की बास्केटबाल टीम की कप्तान भी हैं और बास्केटबाल में भी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी सहित कई पुरस्कार जीत चुकी हैं।
एक साल पूर्व 27 मई को गरिमा जोशी बंगलूरू में मैराथन दौड़ का अभ्यास कर रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें गरिमा जोशी बुरी तरह से घायल हो गई। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और पैरों ने काम करना बंद कर दिया। अभी बंगलूरू में उनका उपचार चल रहा है, खेलों के प्रति जुनून के चलते उन्होंने व्हील चेयर को सहारा बना लिया और व्हील चेयर के माध्यम से दौड़ और बास्केटबाल खेलने लगी। पांच सितंबर को बंगलूरू में 100 मीटर व्हील चेयर दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें गरिमा जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
पिता बोले, इलाज को अब तक नहीं मिला पैसा
गरिमा जोशी यहां नगर से पांच किमी दूर ग्राम पंचायत छतगुल्ला निवासी पूरन जोशी की पुत्री हैं। इससे पहले गरिमा 2018 में बंगलूरू में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दौड़ में 43 देशों के एथलीटों के बीच छठा स्थान प्राप्त कर चुकी हैं। पिता पूरन चंद्र जोशी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की अनदेखी के कारण वह बाहर के प्रदेशों से खेलने को मजबूर है। उसके इलाज को अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है। गरिमा के पिता पूरन चंद्र जोशी ने बताया कि उनकी पुत्री घायल एथलीट गरिमा जोशी का चयन अब भारतीय महिला हैंडीकैप बास्केटबाल टीम के लिए हो गया है।