अल्मोड़ा/बागेश्वर। हरियाणा की एचआर नीति (ग्रेड पे, 60 साल की उम्र तक सेवा की सुनिश्चितता) को लागू करने के अलावा आउटसोर्स से जारी नियुक्ति प्रक्रिया को खत्म करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संगठन का कार्य बहिष्कार मंगलवार से शुरू हो गया है। अल्मोड़ा, बागेश्वर के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मियों ने प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। सरकार पर मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए एनएचएम कर्मियों ने तीन दिन में मांग पूरी नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन की चेेतावनी दी है।
मंगलवार को सीएमओ कार्यालय अल्मोड़ा में सुबह 10 बजे 60 से ज्यादा कर्मचारी पहुंचे और नारेबाजी की। इस दौरान सभी एनएचएम कर्मचारी और आउटसोर्स से रखे गए डॉक्टर, स्टाफ नर्स, सीएचओ, एएनएम, फार्मासिस्ट, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक आशा कोऑर्डिनेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर आदि कर्मचारियों ने रोष जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार मांगों के प्रति जरा भी गंभीरता नहीं दिखा रही है। संरक्षक योगेश जोशी ने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर वेतनमान दिया जाए और आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को बंद किया जाए। उन्होंने बुधवार को चौघानपाटा में धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है।
धरना-प्रदर्शन दीपक भट्ट, विशाल शर्मा, खीम नगरकोटी, अंजली वर्मा, हिमानी थापा, डॉ. निशा जोशी, दयाल आर्या, दीपक पंत, राजेश सांगा आदि रहे।
द्वाराहाट ब्लॉक मुख्यालय में एनएचएम संविदा, आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के बैनर तले धरना, प्रदर्शन किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी ने कहा कि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो सभी एनएचएम/आउटसोर्स कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। धरना, प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगी, जगदीश गिरी, अजय तिवारी, डॉ. सीएस भट्ट, ललिता अधिकारी, गजेंद्र बिष्ट, डॉ. कल्पना जोशी, डॉ. मोनिका पाठक आदि थे।
बागेश्वर में सीएमओ कार्यालय में हुए धरने में जिला अस्पताल, टीबी क्लीनिक, एनसीडी क्लीनिक, डीपीएमयू, 28 पीएचसी, तीन सीएचसी में कार्यरत सभी एनएचएम कर्मचारियों ने शिरकत की। संविदा कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कई अहम जिम्मेदारियों के निर्वहन के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। कहा कि कर्मचारी आर पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। इसके तहत पहले कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर दीक्षा पांडेय, संदीप कौर, अभिलाषा चौहान, मनोज पुरोहित, डॉ. नवल सिंह परिहार, डॉ. सुमित जोशी, डॉ. पूनम खुल्बे, नीरज उपाध्याय आदि रहे। चौखुटिया में एनएचएम के ब्लॉक अध्यक्ष अतुल सक्सेना ने बताया कि पहले किए गए आंदोलन पर सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था जो झूठा साबित हुआ। अब एनएचएम कर्मी 10 दिसंबर से आकस्मिक सेवाओं का भी बहिष्कार करेंगे। इस दौरान डॉ. देवेश मेहरा, डॉ. माधुरी पुनेठा, अतुल सक्सेना, अनिल कुमार सिंह, ललिता गोस्वामी, संतोष मठपाल आदि रहे।
क्या कहते हैं कर्मचारी
हरियाणा की तर्ज पर 60 साल तक हमारा कार्यकाल किया जाए। आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को बंद करना चाहिए। सरकार से हमने कई बार मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- दीपिका जोशी, महिला उपाध्यक्ष, एनएचएम।
आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करना चहिए। अन्य राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को पूरी सुविधाएं दी जा रहीं हैं, लेकिन हमारे राज्य में सरकार ने हमारी सुध नहीं ली है।
- अंजली पांडे, एनएचएम कर्मचारी
सरकार को मांगों पर गंभीरता के साथ विचार करना चाहिए। सभी कर्मचारी लंबे समय अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं। स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में व्यवधान न हो इसके लिए तत्काल समस्याएं हल होनी चाहिए।
- मनोज पांडे, प्रवक्ता, एनएचएम
हिमाचल की तर्ज पर हमारा ग्रेड-पे बनाया जाए। 60 साल का कार्यकाल किया जाए और आउटसोर्स के हो रही भर्ती को खत्म किया जाए। अगर मांगें नहीं मानी तो 10 से इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित होंगी।
- खीम नगरकोटी, जिला उपाध्यक्ष, एनएचएम
तीन में से एक महिला का हुआ प्रसव
अल्मोड़ा। पीएचसी ताकुला में मंगलवार को प्रसव के तीन मामले आए। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण यहां काफी समस्या हुई। इस पीएचसी में दो एएनएम तैनात हैं, इनमें से एक एएनएम ड्यूटी कोविड पर है। पांच एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर होने से मंगलवार को सिर्फ एक महिला का प्रसव कराया जा सका। फार्मासिस्ट एनसी जोशी ने बताया कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार से दिक्कतें हो रहीं हैं।
महिला, बेस, जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं गड़बड़ाई
अल्मोड़ा। जिले में 500 के करीब एनएचएम कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते मंगलवार को महिला, बेस, जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इंतजाम किए गए थे, लेकिन व्यवस्था सही ढंग से नहीं चल पाई। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, सीएचओ, एएनएम, फार्मासिस्ट, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक आशा कोऑर्डिनेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर आदि की कुर्सियां खाली होने से अन्य कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सभी एनएचएम कर्मचारियों से अपील है कि वह काम पर लौटें। उनकी मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते लोगों को असुविधा न हो इसका भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
ये हैं मांगे
- हरियाणा सरकार की तर्ज पर ग्रेड वेतनमान दिया जाए।
- आउटसोर्स से नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त की जाए, पहले से नियुक्त कर्मियों को जिला परिवार कल्याण समिति में समायोजित किया जाए।