चितई में रैली निकालकर सभा करते भूमि बचाओ संघर्ष समिति के लोग। (विज्ञप्ति)
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य की अस्मिता, प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल और जमीन को भू माफिया से बचाने के लिए भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को चितई में रैली निकाली गई। इस मौके पर सभा का भी आयोजन किया गया। वक्ताओं ने प्रदेश में ठोस भू-कानून लागू करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गुजरातके एक पूंजीपति ने मन्योली (चितई) में 108 नाली भूमि बागवानी के नाम पर खरीदी है और उसकी आड़ में काफी काफी अधिक बेनाप भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूंजीपति अब तारबाड़ कर ग्रामीणों के आम रास्ते को भी अवरुद्ध कर रहा है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि कब्जाई गई जमीन जल्द सरकार के पक्ष में जब्त किया जाए। उन्होंने मांग की है कि त्रिवेंद्र सरकार के कृषि भूमि की असीमित खरीद फरोख्त की छूट देने वाले कानून को शीघ्र निरस्त किया जाए। समिति के सदस्य दीवान सिंह ने कहा कि हमें अपनी भूमि बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है। संचालन प्रकाश चंद्र ने किया। इससे पूर्व जन गीतों व नारों के साथ चितई कस्बे में रैली निकाली गई। वहां पर केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, हिमांशु पांडे, किरन आर्या, आनंदी देवी, हीरा देवी, जमन सिंह, भारती पांडे, हिमांशु बोरा आदि थे।