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कार्यशालाओं का आयोजन कर प्रो. पोखरिया ने जगाई छात्रों में हिंदी की अलख

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अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पहचान बनाने की ओर अग्रसर हिंदी भाषा के विकास में एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के हिंदी विभागाध्यक्ष और पत्रकारिता विभाग के संयोजक रहे प्रो. देव सिंह पोखरिया का भी योगदान रहा है। उन्होंने हिंदी भाषा साहित्य की उन्नति के लिए कई काम किए हैं।
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प्रो. देव सिंह पोखरिया ने बीए के विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया, जिसमें विद्यार्थियों को सामान्य हिंदी, विभिन्न प्रकार के पत्र लेखन, सरकारी पत्राचार आदि से रूबरू कराया। उन्होंने हिंदी को व्यवहार की भाषा बनाने के लिए ‘व्यवहारिक पत्र लेखन कला पुस्तक’ लिखी।
केंद्रीय निदेशालय, वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग में समय-समय पर संगोष्ठी आयोजित कर लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक किया। पत्रकारिता विभाग के संयोजक रहने के दौरान पत्रकारिता के छात्रों के लिए हिंदी भाषा में पाठ्यक्रम तैयार किया। अविभाजित उत्तर प्रदेश में रहने के दौरान 1977-78 में प्रौढ़ शिक्षा पाठ्यक्रम निर्माण में सहयोग किया।
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हिंदी भाषा के उत्थान के लिए काम करने के लिए उन्हें मॉरीशस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्य भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार की ओर से गोविंद चातक पुरस्कार, केंद्रीय हिंदी निदेशालय का शैक्षिक पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का सुमित्रानंद पंत पुरस्कार, गोपाल उपाध्याय पुरस्कार मिल चुके हैं।
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