अल्मोड़ा। बाल प्रहरी और बाल साहित्य संस्थान की ओर से आयोजित वेबिनार में मुख्य अतिथि साहित्य संस्थान जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर के निदेशक और पुरातत्वविद् डॉ. जीवन सिंह खर्कवाल ने कहा कि हमें किसी बात पर आंख मूंद कर विश्वास नहीं करना चाहिए। उसके पीछे क्यों, कैसे, जैसे तर्क-वितर्क करने चाहिए। आज विज्ञान के दौर में अंध विश्वास के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने रात को झाडू क्यों नहीं लगाना चाहिए, किसी निश्चित दिन ही निश्चित दिशा की यात्रा की जानी चाहिए या छींक आने पर यात्रा स्थगित करनी चाहिए जैसे बातों के तर्क बच्चों के सामने रखे। कहा कि पहले जमाने में रात में बिजली का प्रकाश नहीं था। रात को झाड़ू लगाने पर बहुमूल्य सामान कूड़े में जा सकता था। इसलिए रात को झाड़ूू लगाना वर्जित था। उन्होंने बच्चों से वैज्ञानिक सोच अपनाने और पुस्तकें पढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बच्चों द्वारा दिए गए भाषण की सराहना की। भाषण में चित्रांशी, प्रांजलि, पवन, पिंकी, इधांत, खुशी, कौस्तुभ, चैतन्य, प्रेरणा, पूर्वांशी, आदित्य, कार्तिक, शिवसागर, साक्षी, अरमान, शैली, पलक, ध्रुव, दीपांशु विधि, आदिश्री, अमृत, नलिन, सिमरन, तन्मय, युवराज, आयरा समेत कक्षा तीन से 12वीं तक के 39 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बताया कि भाषण में बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। भाषण का संचालन नोजगे पब्लिक स्कूल खटीमा की कक्षा आठ की छात्रा भूमि बिष्ट ने किया।