नशे की गिरफ्त में आ रहे किशोरों की पुलिस कार्यालय में हर रोज अभिभावकों की मौजूदगी में काउंसलिंग की जा रही है। वहीं संदिग्ध और एकांत जगहों पर छापे मारने के अलावा पुलिस ने कोचिंग और बिलियडर्स केंद्रों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है। अभियान को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए एसएसपी डीएस कुंवर ने रविवार को नगर के पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ बैठक कर बच्चों के बैग, जेब और मोबाइल की चेकिंग करने को कहा। उन्होंने कहा कि सोमवार से प्रत्येक स्कूल में पुलिस अधिकारी द्वारा बच्चों को नशा करने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताएगी।
पिछले कुछ सालों से नगर और आसपास के क्षेत्रों में नशाखोरी के मामले बढ़ने से आए दिन दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं। चोरी छिपे नशे का कारोबार करने वालों ने स्कूली बच्चों को भी इस ओर धकेलना शुरू कर दिया। एसएसपी डीएस कुंवर ने शहर को नशामुक्त करने, युवाओं तथा स्कूली बच्चों को इसके जाल से बचाने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। बिलियर्डस और कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ बैठक करने के बाद रविवार को एसएसपी ने पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों की बैठक ली। उन्होंने स्कूलों के आस पास खुली कैंटीनों, दुकानों, खोकों में आने जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने के साथ ही अध्यापकों से स्कूल में बच्चों के बैग, जेब आदि की चेकिंग करने को भी कहा।
उन्होंने बच्चों की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए स्कूल प्रबंधकों से प्रत्येक महीने अभिभावक और अध्यापक गोष्ठी आयोजित करने का आह्वान किया। एसएसपी ने बताया कि नगर के कुछ क्षेत्रों में बच्चों को नशीली वस्तुएं नि:शुल्क रूप में देकर नशे के कारोबारी उन्हें नशे का आदी बना रहे हैं।पुलिस टीम संदिग्ध जगहों पर नजर रखे हुए है। बैठक में मोहन सिंह रावत, गोपाल कृष्ण, आरएस रावत, रि.कर्नल डेविड डेनियल, हर्ष साह, विनीता साह, स्वभा पांडे, गीता, डा. संजय जोशी, संतोष जोशी, उत्तम सिंह, हरीश पंत, हेमा ऐठानी आदि मौजूद रहे।
नशे के आदी किशोरों को पकड़कर पुलिस हर रोज अभिभावकों की मौजूदगी में काउंसलिंग करा रही है। शनिवार को नशा करते हुए पुलिस ने छह युवाओं को पकड़ा और पुलिस कार्यालय में लाकर अभिभावकों की मौजूदगी में काउंसलिंग कराई। कुछ अभिभावक बच्चों की नशा करने की हरकतों से अंजान थे। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि जल्द ही पुलिस लाइन में आर्ट आफ लिविंग प्रशिक्षण के माध्यम से नशे की गिरफ्त में आ रहे किशोरों को सुधारने की प्रकिया शुरू की जा रही है।