मुख्यमंत्री हरीश रावत के गृह जिले अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में स्थापित सिटी स्कैन मशीन पिछले दो माह से खराब पड़ी है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा मशीन को दुरुस्त नहीं करा पाया है। मशीन के खराब रहने से मरीजों को परीक्षण के लिए मैदानी शहरों में जाना पड़ रहा है।
सरकारें और जनप्रतिनिधि पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करते आ रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बेस अस्पताल में अल्मोड़ा के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़ और गढ़वाल के जिलों से भी मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं।
मरीजों की सुविधा के लिए बेस अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन स्थापित है। खराबी के चलते यह मशीन पिछले दो माह से अधिक समय से काम नहीं कर रही है। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि मशीन को ठीक नहीं करा पाए हैं।
सिटी स्कैन मशीन में खराबी आने से बेस अस्पताल में मरीजों के परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। दूर दराज से आने वाले मरीज निराश होकर हल्द्वानी अथवा मैदानी शहरों में जाने को मजबूर हैं। जिसमें उनका काफी धन भी खर्च हो रहा है।
लोगों का कहना है कि अल्मोड़ा मुख्यमंत्री का गृह जिला भी है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा और जनप्रतिनिधि दो माह बीतने के बाद भी खराब सिटी स्कैन मशीन को ठीक नहीं करा पाए हैं, जो कि सरकार की स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीनता और उपेक्षा को दर्शाता है।