अल्मोड़ा। आखिरकार सालों बाद जिले के एक लाख की आबादी की प्यास बुझाने वाले कोसी बैराज की सफाई होगी और लोगों के घरों में शुद्ध पानी पहुंचेगा। जल्द ही सिंचाई विभाग इसमें जमा प्लास्टिक सहित अन्य गंदगी की सफाई करेगा, इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है।
नगर सहित आसपास की एक लाख से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2015 में कोसी बैराज को धरातल पर उतारकर यहां से लिफ्ट पेयजल योजना का संचालन किया गया। तब से अब तक इस बैराज की सफाई नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि बैराज में प्लास्टिक, गाद सहित अन्य गंदगी जमा होने से इसकी क्षमता लगातार घट रही है और लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है।
अमर उजाला ने छह नवंबर 2023 के अंक में कोसी बैराज में गंदगी का अंबार, सफाई के लिए बजट की दरकार शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर सिंचाई विभाग ने इसकी सफाई और रखरखाव के अन्य कार्यों के लिए 85 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेज दिया है। इसे जल्द स्वीकृत मिलने की उम्मीद है। ऐसे में इस बैराज की सफाई के साथ लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है। संवाद
घट रहा है बैराज का जलस्तर
अल्मोड़ा। 8.50 मीटर गहरे, 54.25 मीटर चौड़े और 1.85 किमी लंबे इस जलाशय की क्षमता चार करोड़ लीटर है। पांच साल से अधिक समय से सफाई नहीं होने से इसकी क्षमता 45 लाख लीटर घटकर 3.55 करोड़ लीटर पहुंच गई है। इससे भविष्य में जल संकट गहराने की आशंका है।
सड़क को भी बना है खतरा
अल्मोड़ा। बैराज के किनारे तटबंध न बनने से भू-कटाव हो रहा है। इससे अल्मोड़ा-सोमेश्वर हाईवे समेत अन्य सड़कों के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं, बैराज के समीप स्थित पंप हाउस को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। अब सिंचाई विभाग भू-कटाव को रोकने के लिए बैराज के किनारे तटबंध का निर्माण भी करेगा। संवाद
कोट-बैराज की सफाई और अन्य कार्यों के लिए 85 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, इसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बैराज की सफाई बेहद जरूरी है।
मोहन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, अल्मोड़ा।