भिकियासैंण। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्याल्दे लंबे समय से बदहाल है। स्याल्दे क्षेत्र में लगभग 20 से 25 ग्राम सभाओं की लगभग दस हजार से ज्यादा की आबादी है। इनके इलाज के लिए सरकार की ओर से बनाए गए एपीएचसी का भवन पूरी तरह जर्जर है। कई बार इसकी मरम्मत कराने की मांग उठाई जाती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अस्पताल में केवल एक ओपीडी है। चिकित्सक के पद हैं लेकिन तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट भी नियमित रूप से नहीं आते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होने के कारण मरीजों को अल्मोड़ा या फिर रानीखेत जाना पड़ता है। इस अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 80 मरीज आते हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले दिनों दो दिन तक हुई भारी बारिश में अस्पताल का भवन और अन्य कमरों की छत टपकती रही। वार्ड में टिनशेड की छत में जगह-जगह छेद हैं। इसलिए लोग अपने मरीजों को यहां भर्ती भी नहीं कराते।
बोले लोग
कई सालों से इस भवन को ठीक कराने की मांग क्षेत्र के लोग उठा रहे हैं। प्रशासन को इस बारे में अतिशीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।-राधा रमण उप्रेती, पूर्व ब्लॉक प्रमुख
कई लोग यहां इलाज कराने जाने से भी बचते हैं क्योंकि यहां स्वास्थ्य सेवाओं का भारी अभाव है। अब आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
कुंदन लाल, पूर्व अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन
स्याल्दे के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने जर्जर भवन के नवनिर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा है। स्याल्दे आकांक्षी विकास खंड क्षेत्र है इसलिए यहां के विकास पर विशेष फोकस है। अस्पताल भवन निर्माण के लिए प्रक्रिया चल रही है। अगले वित्तीय वर्ष में यहां भवन निर्माण कराया जाएगा। स्टाफ की उपलब्धता भी कराई जाएगी। चिकित्सक की तैनाती के लिए कहा गया है। -डा. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।