रानीखेत (अल्मोड़ा)। जब भी वीवीआईपी/वीआईपी का रानीखेत में कार्यक्रम होता है तो नगर में यातायात व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। बृहस्पतिवार को रुक-रुक कर लगे जाम से लोग घंटों परेशान रहे।
नगर क्षेत्र में पहले से ही वन-वे यातायात व्यवस्था लागू है लेकिन बृहस्पतिवार को राज्यपाल के दौरे को देखते हुए बाईपास से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई। सभी वाहनों को मुख्य सड़क और सदर बाजार से ही निकाला गया। इससे अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने से बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लग गया। पर्यटकों की गाड़ियां और यात्री बसें कई घंटों तक जाम में फंसी रहीं। आम लोग भी अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए समय से नहीं पहुंच सके। जाम से स्कूली वाहन और आपात सेवाएं भी प्रभावित हुईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस तरह के वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
क्या बोले लोग
बाईपास बंद कर दिया तो सारा ट्रैफिक बाजार में घुसा दिया। न पार्किंग मिली, न रास्ता। वीवीआईपी के दौरों से कोई परेशानी नहीं है लेकिन जनता की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
-नीरज सिंह, चालक
इतनी भीड़ और अव्यवस्था तो दिल्ली में भी नहीं देखी। कोई सूचना नहीं, वीआईपी आएं तो ठीक है, मगर ऐसी व्यवस्था में आम लोग कहां जाएं। सोचा था पहाड़ों की ठंडी हवा लेंगे, लेकिन जाम में फंसे रह गए।
-कपिल वर्मा, दिल्ली से आए पर्यटक
रानीखेत जैसे छोटे शहर में भी वीआईपी कल्चर इतना मजबूत है कि आम आदमी की आवाज दब जाती है। हम घूमने आए थे, लेकिन हर जगह वीआईपी की छाया इतनी भारी थी कि असली खुशी गायब हो गई। हमें चौबटिया जाने से रोका गया।
-मनीष शाह, दिल्ली से आए पर्यटक
वीआईपी के लिए पूरा शहर रोका जाता है, लेकिन आम जनता को इससे कोई फायदा नहीं होता। लगता है हमारी सुविधाओं की कोई चिंता नहीं।
-गौरव कुमार, रानीखेत
वीआईपी के लिए पूरा सिस्टम ऐसा बना दिया गया है कि आम जनता को जाम और परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लगता है ये सिस्टम सिर्फ खास लोगों के लिए काम करता है। आम जनता की कोई चिंता नहीं।
-सूरज कुमार, छात्र
नगर में वन-वे व्यवस्था लागू है। रानीखेत में राज्यपाल के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनज़र बाईपास को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। पुलिस टीम पूरी तरह से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में लगी रही ताकि किसी प्रकार की समस्या न हो।
-अशोक धनखड़, कोतवाल रानीखेत