अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण सड़क मार्गों पर भूस्खलन का सिलसिला जारी है। रविवार रात हुई बारिश के कारण जिले की नौ सड़कों पर जगह जगह मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए हैं। इस कारण इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
मार्ग बंद होने के कारण सोमवार को इन मार्गों से गुजरने वाले वाहन कई किमी लंबा फेरा लगाकर गंतव्य तक पहुंचे। यात्रियों को भी सफर में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले के करीब 80 गांवों की 40 हजार से अधिक की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।
इन सड़कों पर बंद है आवाजाही
रिस्कना- तिपौला मोटर मार्ग, पारकोट-बैनाली मोटर मार्ग, मनियाचौरा- भंटी मोटर मार्ग, पीपना-मन्हैत मोटर मार्ग, शहीद मोहन सिंह मोटर मार्ग, बसौली-नाईढौल मोटर मार्ग, बांसुलीसेरा-डोटलगांव मोटर मार्ग, चोपता-लोहना मोटर मार्ग।
कहां कितनी हुई बारिश
रानीखेत= 65.0 मिमी
चौखुटिया = 27.0 मिमी
द्वाराहाट= 24.0 मिमी
शीतलाखेत= 17.0 मिमी
ताकुला = 13.5 मिमी
सोमेश्वर = 12.0 मिमी
भिकियासैंण= 11.5 मिमी
सल्ट = 10.5 मिमी
जागेश्वर = 4.5 मिमी
भैंसियाछाना = 3.5 मिमी
अल्मोड़ा = 1.0 मिमी
जलस्तर
कोसी = 1127.15 मीटर
रामगंगा = 921.950 मीटर
बारिश के कारण सड़क मार्गों को नुकसान पहुंचा है। मलबा और बोल्डर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है लेकिन सूचना मिलने के बाद संबंधित मार्गों पर मलबा हटाने के लिए मशीनें भेजी गई हैं। शीघ्र सड़क मार्गों को खोल दिया जाएगा। -विनीत पाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी, अल्मोड़ा
सुरक्षा दीवार के गिरने से मलबे की चपेट में आई कार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में रविवार की रात बारिश के कारण आबकारी क्षेत्र में एक सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। इसके ठीक नीचे खड़ी एक कार मलबे की चपेट में आ गई। गनीमत रही कि दीवार के गिरने के समय वहां पर कोई मौजूद नहीं था। छावनी परिषद के निरीक्षक एपी सिंह ने बताया कि यह सुरक्षा दीवार किसी व्यक्ति ने निजी प्रयोग के लिए बनाई थी। जिसका विभाग से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा है कि संबंधित व्यक्ति से इस मामले में जानकारी ली जा रही है। संवाद