अल्मोड़ा। जिले में बारिश के बाद बंद सड़कें लोगों की दिक्कत बढ़ा रही हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से छह सड़कों पर आवाजाही ठप होने से 30 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। वाहनों की आवाजाही ठप होने से गांवों में राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की आपूर्ति चरमरा गई है। ऐसे में 13 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
जिले में बारिश के बाद रानीखेत-रामनगर-खैरना हाईवे पर पुल बहने से बीते 20 दिन से आवाजाही ठप है। वहीं, मलबा और बोल्डर गिरने से अल्मोड़ा-सेराघाट, सौराल-पनुवाद्यौखन, पंतगांव-सिमलधार, मंगलता-त्रिनैली और भांगादेवली-मेरगांव सड़कें भी बंद हैं। इससे क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह कटा है।
राशन, सब्जी सहित अन्य जरूरी सामान न पहुंचने से 13 हजार की आबादी को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस सहित अन्य वाहन गांव तक न पहुंचने से बीमार, गर्भवतियां भी पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचने के लिए मजबूर हैं। बदहाल रास्तों के बीच लोग सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू कराने का दावा कर रहा है। संवाद
जिले में बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी को भेजा गया है। शीघ्र सड़कों को खोलकर आवाजाही शुरू कराई जाएगी।- विनीत पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, अल्मोड़ा।