अल्मोड़ा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में तीन करोड़ रुपये से स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में सिलिंडर रिफिल करने की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को हायर सेंटर ले जाने के दौरान तीमारदारों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करना पड़ रहा है। लाखों से ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित होने के बाद भी सिलिंडर को हल्द्वानी से रिफिल करना मजबूरी बन गया है। मरीजों और तीमारदारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2021 में जनरल, आईसीयू, एनआईसीयू और पीआईसीयू में लगे 350 से अधिक बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए यहां 1000 और 500 एलपीएम क्षमता के दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए। प्लांट में सिलिंडर रिफिल की सुविधा नहीं होने से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां से आए दिन पांच से अधिक गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर हो रहे हैं।
बीते दो माह में 10 से अधिक मरीजों को रास्ते से मेडिकल काॅलेज पहुंचाया
सिलिंडर रिफिल की सुविधा नहीं होने से हायर सेंटर पहुंचने तक मरीज के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था करना चुनौती से कम नहीं है। बीते दो माह में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से 10 से अधिक मरीजों को रास्ते से मेडिकल कॉलेज पहुंचाना पड़ा। मेडिकल कॉलेज में सिलिंडर रिफिल करने की व्यवस्था नहीं है और इसके लिए हल्द्वानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। संवाद
रिफिल प्लांट के लिए भेजा प्रस्ताव शासन में फांक रहा धूल
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीजों की दिक्कत को देखते हुए दो माह पूर्व ऑक्सीजन रिफिल प्लांट के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा है जिसे अब तक स्वीकृति नहीं मिली है और यह सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है।
ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल प्लॉट का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर ही इस सुविधा का विस्तार संभव है।
सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।