बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज पुनीत कुमार की अदालत ने बैंक से ऋण लेकर जमा नहीं करने और लोन के दस्तावेजों के मामले में धोखाधड़ी की आरोपी को दोषमुक्त किया।
कथानक के अनुसार 22 नवंबर 2021 को एसबीआई के प्रबंधक विशाल सिंह ने कोतवाली में आरोपी दुर्गा सहदेव के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि आरोपी ने 22 दिसंबर 2017 को लोन के लिए आवेदन किया और दो लाख रुपये की सीसी लिमिट बनाई। आगामी वर्षों में लिमिट की सीमा बढ़ाकर सात लाख रुपये की गई। आरोपी ने बैंक को मजियाखेत पटवारी क्षेत्र तल्ला कत्यूर में आठ मुट्ठी खेत की खतौनी और मूल विक्रय पत्र को बैंक के पक्ष में बंधक रखा गया था।
करार के अनुसार आरोपी ने बैंक के लोन की अदायगी नहीं की और लोन की राशि बढ़कर 16,29,628 रुपये हो गई। वर्ष 2020-21 के बैंक ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तो ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि को आरोपी ने अन्य महिला को बेच दिया है। बैंक में बंधक भूमि को बेचने और बैंक को धोखा देने की नीयत को देखते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता हरीश चंद्र जोशी ने मामले की पैरवी की। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी महिला को दोषमुक्त करने का फैसला पारित किया।