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एडीएम कांडपाल के खिलाफ लामबंद हुए कलक्ट्रेट कर्मी

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रुद्रपुर। कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने एडीएम नजूल जगदीश कांडपाल पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोलते हुए कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। उन्होंने एडीएम का स्थानांतरण जिले से बाहर नहीं होने पर कार्य बहिष्कार जारी रखने की घोषणा करने के साथ ही सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने छोटी शिकायतों पर कार्रवाई, 12 घंटे काम करवाने का आरोप लगाया। डीएम के साथ ढाई घंटे वार्ता के बाद कर्मचारियों के रुख में नरमी देखी गई है।
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बृहस्पतिवार सुबह कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संघ के बैनर तले कलक्ट्रेट के राजस्व कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर कलक्ट्रेट गेट पर एडीएम कांडपाल के खिलाफ प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे। कर्मचारियों के आक्रोश को थामने के लिए एडीएम वित्त उत्तम सिंह चौहान, कलक्ट्रेट प्रभारी एनएस नबियाल और एसडीएम मुक्ता मिश्रा ने धरनास्थल पर पहुंचे और धरना खत्म करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने एडीएम कांडपाल का स्थानांतरण और डीएम डॉ. नीरज खैरवाल से वार्ता के बाद धरना खत्म करने की बात कही। वार्ता के दौरान अधिकारी और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। मामला तूल पकड़ता देख अधिकारी लौट गए।
कर्मचारियों ने एडीएम पर गलत व्यवहार करने, उत्पीड़न करने, अकारण वेतन रोकने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को पेशकार पद पर कार्य कराने और अपने ढंग से कलक्ट्रेट का पुनर्गठन कर जूनियर कर्मचारियों को सीनियर पद पर कार्य कराने के आरोप मढ़े। उन्होंने कहा कि एडीएम कांडपाल का स्थानांतरण न होने तक धरना जारी रहेगा। चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो सामूहिक रूप से इस्तीफा देने तक से नहीं हिचकेंगे। देर शाम को डीएम खैरवाल ने कर्मचारियों से वार्ता की। करीब ढाई घंटे की वार्ता के बाद डीएम ने मांगों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया। कर्मचारी संघ अध्यक्ष धर्मानंद छिम्वाल ने कहा कि डीएम से वार्ता के बाद अब आंदोलन को लेकर आपस में राय मशविरा किया जा रहा है। वहां अब्दुल जलील, जावेद अख्तर, राहुल जोशी, प्रदीप सिंह, नवीन खोलिया, अमित वर्मा, हेम पांडेय, विकास कुमार, मोहित चौहान, बीना मेहता, हरीश चंद्र, अर्जुन राणा, देवेंद्र नेगी, पीसी पुरोहित, सुनील कुमार, गिरीश आर्या, नारायण सिंह, पान सिंह आदि थे।
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कर्मचारियों ने समस्याओं को लेकर मुझसे पहले कोई वार्ता नहीं की थी। कुछ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई हैं और सभी कार्रवाई उनके स्तर से नहीं हुई हैं। जहां तक 12 घंटे काम कराने का सवाल है, किसी कर्मचारी को जबर्दस्ती नहीं रोका जाता है। कर्मचारियों की संख्या कम है और काम अधिक है। जिस पटल पर काम ज्यादा होता है, वहां काम खत्म करने में थोड़ी देरी होना लाजिमी है। कर्मचारियों को समझना चाहिए कि सभी सरकारी कार्य कर रहे हैं। - जगदीश कांडपाल, एडीएम नजूल।
विभागीय कार्यवाही की जद में कुछ कर्मी
रुद्रपुर। एडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल धरने पर बैठे कर्मियों में से कुछ कर्मी विभागीय कार्रवाइयों का सामना कर रहे हैं। लिहाजा इन कर्मियों का आक्रोश भी बहुत ज्यादा था। गंभीर शिकायतों की जांच में पुष्टि के बाद एक कर्मचारी की कमिश्नर कार्यालय ने दो वेतनवृद्धि रोकी है। एक कर्मचारी ओसी कलक्ट्रेट के फर्जी दस्तखत कर डीएम से आदेश जारी कराने में जांच का सामना कर रहे हैं। कर्मचारी के खिलाफ सरकारी अधिवक्ता ने 19 महीनों का मानदेय रोकने की शिकायत सीडीओ से की है, इसकी भी जांच हो रही है। इसके अलावा कई और जांचों का सामना कर रहे कर्मियों को आंदोलन के बहाने आक्रोश का गुबार निकालने का मौका मिल गया।
कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार का समर्थन
सितारगंज। कलक्ट्रेट में कर्मचारियों के उत्पीड़न के विरोध में बृहस्पतिवार को राजस्व संग्रह परिचारक कर्मचारी संघ और चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ के कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का समर्थन कर कर्मचारियों के उत्पीड़न का विरोध जताया। कहा कि तीन दिन के भीतर कलक्ट्रेट कर्मचारियों की समस्या का समाधान न किया तो समर्थन में वे भी कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। वहां जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह बिष्ट, भूपाल सिंह साह आदि थे।
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