उचौखुटिया (अल्मोड़ा)। झलां-हाट में प्रस्तावित हवाई अड्डे के विरोध में ग्रामीण मुखर होने लगे हैं। उनका आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन पर हवाई अड्डा बनाने का कोई औचित्य नहीं है। गेवाड़ बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बैठक कर हवाई अड्डे को बंजर जमीन पर बनाने की मांग की है।
चौखुटिया की ग्राम पंचायत झलां-हाट में प्रस्तावित हवाई पट्टी/हवाई अड्डा के विरोध में गेवाड़ बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में झलां के ग्रामीणों ने एक बैठक कर इसका पुरजोर विरोध करने का एलान किया है। गांव की उपजाऊ जमीन पर प्रस्तावित एयरपोर्ट से गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि इस जमीन पर वह पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं और यही उनके जीवनयापन का एकमात्र आधार है।
बैठक का संचालन करते हुए चंद्रशेखर फुलोरिया ने कहा कि ग्रामीण इसी जमीन पर आश्रित हैं। इस जमीन के चले जाने से वे भूमिहीन हो जाएंगे। उपजाऊ जमीन पर एयरपोर्ट बनाया जाना उचित नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि वह हवाई अड्डे का विरोध नहीं कर रहे लेकिन इसे उपजाऊ जमीन के बजाय बंजर जमीन पर बनाया जाए।
बैठक में ग्राम प्रधान जगदीश लाल वर्मा, सरपंच गिरीश तिवाड़ी, किसनराम, चंद्रशेखर फुलोरिया, संध्या गोस्वामी, हेमा रौतेला, प्रेमा भटृ, पूजा मेहरा, मंजू भाकुनी, मदन नेगी, जगदीश राम, प्रकाश राम, चंदन राम, मनोज भाकुनी, राजेश गिरी, किसन बिष्ट आदि थे ।