उत्तराखंड परिवहन निगम के अल्मोड़ा डिपो में चालक और परिचालकों की कमी के कारण 13 बसों का संचालन ठप पड़ा है। इससे यात्रियों को तो दिक्कतों का सामना करना पड़ ही रहा है। साथ ही निगम को भी प्रतिमाह 60 लाख रुपये राजस्व का घाटा हो रहा है।
उत्तराखंड परिवहन निगम के अल्मोड़ा डिपो में कुल 54 बसों का बेड़ा है। डिपो में चालक के 35 और परिचालक के 45 पद खाली चल रहे हैं। चालक, परिचालकों की कमी के कारण डिपो की दिल्ली को सुबह सात बजे जाने वाली अल्मोड़ा-दिल्ली, अल्मोड़ा-धारचूला, अल्मोड़ा-मेरठ, धारचूला-देहरादून, अल्मोड़ा-झूलाघाट, अल्मोड़ा-लोहाघाट, अल्मोड़ा-भनोली-दिल्ली, अल्मोड़ा-खेती, अल्मोड़ा-पौड़ी, नैतीताल-शीतलाखेत, अल्मोड़ा-ग्वालदम आदि स्थानों को जाने वाली सेवाओं का संचालन ठप पड़ा है। करीब एक दर्जन से अधिक सेवाओं का संचालन नहीं होने के कारण डिपो को प्रतिमाह 60 लाख रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है।
इधर, जिला प्रशासन के निर्देश पर अल्मोड़ा-लखनऊ, अल्मोड़ा-चंडीगढ़, अल्मोड़ा-कफड़ा, अल्मोड़ा-रानीखेत-दिल्ली, अल्मोड़ा-बेतालघाट-दिल्ली सेवाओं का संचालन स्टेशन से नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही डिपो को प्रतिमाह आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने बसों का संचालन रोडवेज स्टेशन से ही करने की मांग की है।
ईबीटीएम मशीनें दे जाती हैं धोखा
अल्मोड़ा। डिपो में ईबीटीएम मशीनें काफी पुरानी हैं। कई बार परिचालक के टिकट काटने के दौरान मशीनें खराब हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में परिचालक को टिकट बुक से टिकट काटना पड़ता है। इन परिस्थितियों से कई बार परिचालक की यात्रियों से बहस हो जाती है।
रोडवेज डिपो में चालक और परिचालकों की कमी बनी हुई है। चालकों और परिचालकों के खाली पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से होती है। चालक, परिचालकों की कमी दूर होने पर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
- विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक परिवहन निगम डिपो अल्मोड़ा।