250 से अधिक गांव वाले सल्ट और तीन जिलों की सीमा से लगे इलाके के लिए नहीं है सीधी बस सेवा
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। तीन जिले नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल और चमोली की सीमा से सटे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के लोग राज्य गठन के 24 साल बाद भी रोडवेज की सीधी बस सेवा का इंतजार कर रहे हैं। अब तक यहां जिला मुख्यालय से रोडवेज बस सेवा का संचालन नहीं हो सका है। क्षेत्र के 250 से अधिक गांव के लोग सह रहे हैं। हालात यह हैं कि उन्हें जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए तीन वाहन बदलने पड़ते हैं या फिर टैक्सी बुक करानी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय से यहां तक रोडवेज की सीधी बस सेवा न होने से पर्यटकों के साथ ही क्षेत्र की 40 हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यात्री और पर्यटक तीन वाहन बदलकर या ऊंचा किराया चुकाकर टैक्सी बुक कर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए मजबूर हैं।
तीसरे दिन पहुंचते हैं घर
मौलेखाल। जरूरी काम से जिला मुख्यालय पहुंचे सल्ट क्षेत्र के लोगों की रोडवेज बस सेवा संचालित न होने से तीसरे दिन घर वापसी हो रही है। ऐसा इसलिए कि लोग किसी तरह तीन वाहन बदलकर पहले दिन देर शाम 160 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। सुबह नौ बजे बाद कोई भी टैक्सी और केमू का संचालन न होने से उनके लिए काम निपटाने के बाद जिला मुख्यालय के होटल में ठहरना मजबूरी है। तीसरे दिन किसी तरह टैक्सी और केमू के भरोसे देर रात तक उनकी घर वापसी हो रही है।
बोले लोग
सल्ट क्षेत्र से जिला मुख्यालय के लिए सीधी रोडवेज बस सेवा संचालन की सालों से मांग कर रहे हैं, लेकिन नतीजा अब तक शून्य है। बस संचालन होने से हमारी समस्या काफी हद तक कम हो जाती।
सरला रावत, सल्ट।
पर्यटन की दृष्टि से भी रोडवेज की सीधी बस संचालित करना फायदेमंद होगा, लेकिन इसके लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। परिवहन निगम को बस सेवा संचालित करनी चाहिए।
आनंद रावत, सल्ट।
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कोट- नई बस का बेड़ा मिलने पर नए रूट पर सेवा संचालित करना संभव होगा। तभी नए रूट भी तलाशे जाएंगे। पुरानी बस के भरोसे और चालकों की कमी से नए रूट पर बस सेवा संचालित नहीं हो पा रही है।
विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।