अल्मोड़ा। सोने के आभूषण बनाने की आड़ में सट्टे का कारोबार करने वाले एक सटोरिये को एसओजी और कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सटोरिये के पास से डेढ़ लाख रुपये की नकदी और सट्टा पर्ची भी बरामद हुई है। सटोरिये पर आईपीएल मैच में सट्टा लगाने का आरोप है और वह सोने के आभूषणों का कारीगर है। डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी पंकज भट्ट ने पुलिस टीम को साढ़े तीन हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
आईपीएल मैच शुरू होते ही सट्टा लगाने वालों के सक्रिय होने की आशंका के चलते एसएसपी पंकज भट्ट ने एसओजी को सटोरियों की धरपकड़ के आदेश जारी किए थे। एक सूचना पर एसओजी प्रभारी नीरज भाकुनी ने कोतवाली पुलिस की मदद से शुक्रवार देर रात कारखाना बाजार, जामा मस्जिद के पीछे छापा मारकर हुसैनपुर, कामार कुंडू, हुगली पश्चिम बंगाल निवासी नईम उद्दीन को सट्टा लगाते दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास एक लाख 64 हजार 200 रुपये की नकदी, नौ सट्टा पर्ची और एक मोबाइल बरामद किया। सटोरिये के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोने के आभूषणों का कारीगर है।
शहर के कुछ और सटोरिये हैं रडार पर
अल्मोड़ा। शहर में बड़े स्तर पर सट्टे का कारोबार पकड़े जाने के बाद एसओजी सटोरियों की धरपकड़ के लिए और बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया सटोरिया पूर्व में बागेश्वर जिले में रहता था। करीब तीन साल से वह अल्मोड़ा में काम कर रहा था। सट्टा कारोबार चलाने के लिए उसने शहर में अपना जाल बिछाया था जिसमें कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। जिसकी जांच के लिए पुलिस सटोरिये को मोबाइल को खंगाल रही है। कुछ सुराग भी एसओजी के हाथ लगे हैं।
नंबरों का गेम, 10 के देते हैं 80 रुपये
अल्मोड़ा। आईपीएल में सट्टे का कारोबार करने वाले सटोरिये नंबर गेम पर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। नंबरों का यह पूरा गेम 0 से 9 नंबर तक चलता है। लोग इन नंबरों पर सट्ट लगाते हैं जिसमें से एक नंबर पर सट्टा खुलता है। जिसके नंबर पर सट्टा खुला उसे 10 के 80 रुपये दिए जाते हैं। जबकि अन्य नंबरों पर दांव लगाने वालों की रकम डूब जाती है। पूरे कारोबार के किसी महानगर से संचालित होने की आशंका जताई जा रही है।
पर्ची और व्हाट्सएप पर करता था सट्टे का कारोबार
अल्मोड़ा। पकड़ा गया सटोरिया नईम सट्टा पर्चियों के साथ ही व्हाट्सएप पर सट्टे का कारोबार चलाता था। पुलिस के अनुसार सट्टे में छोटी रकम वाले लोग सट्टा लगाने के लिए पर्चियों का इस्तेमाल करते थे जबकि कुछ लोग सीधे व्हाट्सएप नंबर पर सट्टे का दांव लगाते थे। रोजाना सट्टा खेलने वालों से सट्टे की नकद रकम ली जाती थी। नए सटोरियों से एडवांस में रकम लेकर उनकी लिमिट बांध दी जाती थी।