कत्यूरी शासन में निर्मित तैलीहाट के मंदिरों का जीर्णाद्वार करते कारगीर
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50 लाख से होगा तैलीहाट के मंदिरों का जीर्णोद्धार
गरुड़ (बागेश्वर)। केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने आठवीं और नौंवी सदी में बने तैलीहाट के मंदिरों का जीर्णोद्धार शुरू कर दिया है। 50 लाख रुपये की मदद से होने वाले कार्य में मंदिरों के छज्जों में देवदार की लकड़ी का प्रयोग हो रहा है।
कत्यूरी शासन में निर्मित तैलीहाट के मंदिरों समूहों के छज्जाएं सात साल पूर्व अंधड़ से उड़ गई थीं। इससे प्राचीन मंदिरों की शोभा प्रभावित हो रही थी। सत्यनारायण मंदिर बैजनाथ के प्रधान पुजारी बिपिन जोशी ने बताया कि तैलीहाट के मंदिर समूहों का जीर्णोद्धार करने के संबंध में डीएम बागेश्वर और केंद्रीय पुरातत्व विभाग को ज्ञापन दिया था। इसके बाद विभाग ने इसके लिए 50 लाख का बजट जारी किया है।
कत्यूूरी शासन में तैलीहाट गांव में कत्यूरी राजाओं की ग्रीष्मकालीन बाजार लगती थी। शीतकाल में सेलीहाट गांव में लगती थी। तैलीहाट गांव को आज भी कत्यूरी राजाओं की राजधानी के नाम से जाना जाता है। यहां 200 से अधिक मकान हैं। ग्रामीणों ने गांव को अलग पहचान दिलाने के लिए सभी मकानों को सफेद रंग से रंगने के बारे में सोचा है। ग्रामीण इस मामले में शीघ्र एक बैठक करेंगे।
बिपिन जोशी
प्रधान पुजारी
सत्यनाराण मंदिर तैलीहाट