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अधिकारियों और कर्मचारियों को आफिस में कर दिया बंद

Tue, 26 Jun 2018 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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लोनिवि का घेराव करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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गगास-उड़ीमहादेव-सैलापानी-भिकियासैंण-मरचूला सड़क के शेष 24 किमी हिस्से के टेंडर कराकर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर सल्ट के ग्रामीणों ने मंगलवार को 200 दूर जिला मुख्यालय अल्मोड़ा आकर बारिश में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने लोनिवि प्रांतीय खंड कार्यालय और अधीक्षण अभियंता डीएस ह्यांकी का घेराव किया। शाम तक ग्रामीण लोनिवि कार्यालय प्रांगण में धरने के दौरान नारेबाजी करते रहे। पांच बजते ही ग्रामीणों ने कार्यालय के दोनों गेट बंद कर दिए और कर्मचारियों-अधिकारियों को कार्यालय में बंधक बना दिया। दो दौर की वार्ता विफल रहने के बाद ग्रामीण कार्यालय प्रांगण में धरने पर डटे रहे। सायं साढ़े छह बजे ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा और भाजपा सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। 

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सल्ट विकासखंड के करीब 45 गांवों के लोग आज भी सड़क से वंचित हैं। इन गांवों के लिए 36 किमी लंबी गगास-उड़ीमहादेव-सैलापानी-भिकियासैंण-मरचूला स्वीकृत है पर अब तक इस सड़क का मरचूला से भिने तक 12 किमी ही निर्माण हुआ है। शेष 24 किमी हिस्से का अब तक निर्माण नहीं हुआ है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर इन गांवों के करीब ढाई सौ लोग अपराह्न डेढ़ बजे लोअर मालरोड पहुंचे। वहां से लिंक रोड, मालरोड होते हुए ग्रामीण महिला और पुरुषों ने भारी बारिश के बीच जुलूस निकालते हुए लोनिवि प्रांतीय खंड कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव किया।  

वार्ता करने पहुंचे अधीक्षण अभियंता दिवाकरण सिंह ह्यांकी का भी ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों का कहना था कि जनता 1952 से सड़क निर्माण की मांग कर रही है पर मरचूला से भिने तक ही सड़क बनी है। नवंबर 2016 में सड़क को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद शेष 24 किमी हिस्से के लिए 18 माह में छह बार विभाग टेंडर निकाल चुका है, लेकिन बार-बार निरस्त किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने अब सातवीं बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। ग्रामीणों को आशंका है कि इस बार भी निविदा निरस्त होने पर सड़क निर्माण अधर में लटक जाएगा। 
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उन्होंने कहा कि  2014 से  आंदोलनरत हैं। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो एक जुलाई से गांव-गांव आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।  एसई ह्यांकी ने ग्रामीणों को जल्द मार्ग का निर्माण शुरू करने का भरोसा दिलाया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। पांच बजते ही ग्रामीणों ने लोनिवि कार्यालय के दोनों गेट बंद कर दिए और कर्मचारियों, अधिकारियों को कार्यालय में बंधक बना दिया। शाम साढ़े छह बजे ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद कर्मचारी अपने घरों को लौटे। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता राकेश नाथ, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, भिने की प्रधान भारती देवी, दुगोली प्रधान गीता देवी, इनलो की प्रधान रुकमा देवी, प्रदीप कुमार, दिनेश, राम सिंह, मोहन सिंह, सरुली देवी, मोहनी देवी, कौशल्या, भवानी, जानकी, मनोहर राम, चंद्रा देवी, खीम सिंह, विशना देवी, रमूली देवी, परुली देवी समेत करीब ढाई सौ ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए। 

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