जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस कदर खराब है कि जिला मुख्यालय के किसी भी अस्पताल में फिजीशियन नहीं हैं। जिला अस्पताल में ढाई साल से फिजीशियन नहीं है जबकि बेस अस्पताल के फिजीशियन का चुनाव के तुरंत बाद स्थानांतरण कर दिया गया।
हर रोज करीब सात सौ की ओपीडी वाले दोनों अस्पतालों में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय में जिला अस्पताल और बेस अस्पताल स्थित हैं। इन अस्पतालों में अल्मोड़ा नगर के अलावा जिले की सभी तहसीलों और बागेश्वर से भी लोग इलाज के लिए आते हैं।
लेकिन अस्पताल की रीढ़ कहे जाने वाले फिजीशियन का पद दोनों अस्पतालों में खाली चल रहा है। जिला अस्पताल में फिजीशियन का पद ढाई साल से खाली है जबकि बेस अस्पताल में तैनात एकमात्र फिजीशियन का भी चुनाव के तुरंत बाद देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया गया।
उनके स्थान पर कोई अन्य डॉक्टर नहीं भेजा गया। अधिकतर मरीज फिजीशियन के लिए आते हैं लेकिन फिजीशियन नहीं होने के कारण उन्हें प्राइवेट अस्पतालों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है।
फिजीशियन ही नहीं इन दोनों अस्पतालों में अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद भी काफी समय से खाली चल रहे हैं। पिछले दिनों विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अस्पतालों में फिजीशियन की जल्द तैनाती की बात कही थी लेकिन यह भी अभी तक पूरी नहीं हुई।
जबकि जिला और बेस अस्पताल प्रबंधन के अलावा सीएमओ कार्यालय हर माह डॉक्टरों के रिक्त पदों की रिपोर्ट महानिदेशालय को भेजता रहा है। इधर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने बताया कि डॉक्टरों के संबंध में उनकी ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी।