अल्मोड़ा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा। हीमोफीलिया से ग्रसित एक मरीज ने इन दावों की पोल खोली है। दर्द से कराहते हुए इस बीमारी से ग्रसित एक मरीज इंजेक्शन के लिए भटकता रहा लेकिन उसे राहत नहीं मिली। जिले में उसे कहीं भी इस बीमारी से राहत पाने के लिए इंजेक्शन नहीं मिला और उसे इसके लिए हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ी।
जिले में इस बीमारी से ग्रसित सिर्फ दो मरीज चिह्नित हैं। बृहस्पतिवार को एक मरीज को चोट लग गई और उसका रक्त का रिसाव बंद नहीं हुआ। मजबूर होकर उसने इससे राहत पाने के लिए बेहद जरूरी फैक्टर-10 इंजेक्शन उम्मीद में जिला अस्पताल की दौड़ लगाई, लेकिन उसे मायूसी हाथ लगी। लंबे समय पूर्व इंजेक्शन खत्म हो गए, इसे विभाग ने नहीं मंगाया। उसने सीएमओ से मदद की गुहार लगाई। पता चला कि जिले के किसी भी अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उसे हल्द्वानी की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कोट- एक मरीज को इंजेक्शन उपलब्ध कराने से स्टॉक खत्म हो गया। मांग भेजी गई है। उम्मीद है जल्द फैक्टर-10 इंजेक्शन उपलब्ध होंगे।
डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।