रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान अल्मोड़ा कलक्ट्रेट प्रांगण में धरने पर बैठे गुरिल्ले।
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अल्मोड़ा। नौकरी, पेंशन और अन्य सुविधाएं देने की मांग को लेकर गुरिल्लों ने जनता कर्फ्यू का उल्लंघन कर रविवार को कलक्ट्रेट प्रांगण में 3798वें दिन भी धरना दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू के आह्वान के बावजूद भी धरना जारी रखने का प्रमुख कारण यह है कि लंबे समय से चल रहे धरने की निरंतरता को संगठन तोड़ना नहीं चाहता। संगठन किसी भी परिस्थिति में आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि गुरिल्ले पिछले 14 साल से आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार मांग नहीं मान रही है। गुरिल्ले शांतिपूर्ण तरीके से कर्फ्यू के आह्वान का उल्लंघन कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार कोरोना के प्रति तुरंत संवेदनशील होकर कार्रवाई कर रही है उसी प्रकार सीमा सुरक्षा से जुड़ी गुरिल्लों की मांगों के प्रति भी सरकार को संवेदनशील होने की जरूरत है। सरकार की उपेक्षा के चलते गुरिल्लों को जनता कर्फ्यू के दौरान भी धरना देने को बाध्य होना पड़ा। धरने में केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, जगदीश सिंह सुयाल, उदय महरा, आनंदी महरा, धनी आर्या आदि बैठे।