जेएनयू में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर एबीवीपी ने कड़ा आक्रोश जताया। राष्ट्रीय आह्वान पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नेशन फर्स्ट मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। परिषद ने देश विरोधी तत्वों के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
एबीवीपी कार्यकर्ता एसएसजे परिसर में एकत्र हुए। यहां से मालरोड होते हुए नगर तक नेशन फर्स्ट मार्च निकाला। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को आजादी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जऱ्र दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में खुलेआम देश विरोधी नारे लगाने की छूट दे दी जाए।
उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा से प्रेरित संगठनों ने सांस्कृतिक संध्या के आयोजन के बहाने पाकिस्तान, आतंकवाद के समर्थन और देश के टुकड़े करने वाले नारे लगाए। इन शरारती तत्वों की करनी से देशभक्त नागरिक आहत हैं। मार्च और सभा में एबीवीपी के प्रदेश मंत्री लोकश कालाकोटी, विभाग संगठन मंत्री देवेंद्र राणा, छात्रसंघ अध्यक्ष अक्षित पांडे, रवि शंकर गुसाई, मनीष बिष्ट, गणेश बगडवाल, ललित बिष्ट, आशीष जोशी, चंदन गैड़ा, प्रमोद मिश्रा, शैलेष कोरंगा, कमल नेगी, विराट अधिकारी, पीयूष बोरा, दीपक उप्रेती, नवीन नैनवाल, पंकज देवड़ी, हिमांशु जोशी आदि शामिल थे।