अल्मोड़ा। विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निर्बाध रूप से संपन्न कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण था। बुनियादी सुविधाओं के लिए जिले में आठ गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम वंदना सिंह की पहल पर प्रशासन ने इन ग्रामीणों को मनाया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने मतदान किया।
मांग पूरी न होने पर बबुरियानायल, दुनाड़, चिमखोली, रियूनी, मल्ली मिरई, मटेला, खदेरागांव, बजेल आदि गांवों के लोगों ने कई मांगों के लिए वोट न देने की चेतावनी दी थी। डीएम वंदना सिंह ने विभागीय अधिकारियों की एक-एक टीम गठित कर वार्ता के लिए इन गांवों में भेजी। इसके बाद बबुरिया नायल में 40.47 प्रतिशत, दुनाड़ में 48.84 प्रतिशत, चिमखोली में 47.01 प्रतिशत, रियूनी में 63.91 प्रतिशत मल्ली मिरई में 53.03 प्रतिशत, मटेला में 54.47 प्रतिशत, खदेरागांव में 33.93 प्रतिशत, बजेल गांव में 55.93 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम वंदना सिंह ने सभी मतदाताओं का आभार जताया है।
डीएम ने की स्वीप टीम की सराहना
बागेश्वर। जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार ने मतदान शांतिपूर्ण संपन्न होने और मत प्रतिशत में पिछले विधानसभा चुनाव के सापेक्ष बढ़ोतरी को लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत बताया है। उन्होंने मत प्रतिशत के लिए स्वीप की टीम की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि स्वीप टीम के सदस्यों ने जिले के सभी न्यूनतम मतदान वाले गांवों में जाकर लोगों को जागरूक किया। इसका परिणाम अच्छा रहा और पिछली बार की तुलना में इस बार मत प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई। स्वीप के सहायक नोडल अधिकारी कैलाश प्रकाश चंदोला, आलोक पांडेय, डॉ. हरीश दफौटी, उमेश जोशी, ललित मोहन जोशी आदि ने भी मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी पर खुशी जताई है।